Saat Phere Meaning: विवाह में बहुत जरूरी है गठबंधन और अग्नि के सात फेरे, इस वजह से इनके बिना अधूरा है विवाह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 18, 2023, 01:35 AM IST

Saat Phere Meaning: सनातन विवाह संस्कार पद्धत्ति में प्रमुख है वर वधू का गठबंधन और अग्नि के सात फेरे लेना। गठबंधन में बांधे जाते हैं पुष्प, सिक्का, अक्षत और हल्दी। हर वस्तु का होता है महत्व। सनातन धर्म विवाह पद्धत्ति में अग्नि के फेरं हैं बहुत जरूरी। अग्नि रूप है परमात्मा का। सभी देवताओं का आशीर्वाद लेने को किये जाते हैं ये कार्य।

KEY HIGHLIGHTS
  • अग्नि के सात फेरे समस्त देवताओं काे साक्षी रूप में मानकर होते हैं
  • एक दूसरे से पूरी तरह बंधे हुए हैं, गठबंधन होता है इस बात का प्रतीक
  • गठबंधन में बांधे जाते हैं सिक्का, दूर्वा, पुष्प और अक्षत विशेष रूप से

Saat Phere Meaning: सनातन धर्म के सोलह संस्कारों में प्रमुख संस्कार विवाह माना गया है। विवाह संस्कार में होने वालीं सभी पूजा पद्धतियां न सिर्फ भारतीय लोगों के लिए बल्कि अब तो विदेशी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रही हैं। सनातन विवाह संस्कार का ये आकर्षण कहें या पवित्रता कि विदेशी भी भारतीय पद्धति से विवाह करने के लिए ललायित रहते हैं। विवाह संस्कार में यूं तो बहुत से विधान होते हैं लेकिन दो प्रमुख विधान वो हैं जिनके न करने पर वैदिक विवाह पूर्ण नहीं माना जाता। ये विधान हैं गठबंधन और अग्नि के सात फेरे। आइये आपको बताते हैं विवाह संस्कार के इन दो प्रमुख विधानों की क्या विशेषता होती है।

विवाह में गठबंधन

विवाह में पाणिग्रहण के बाद वर के कंधे पर पड़े सफेद दुपट्टे में वधू की साड़ी का एक कोना बांध दिया जाता है। जिसे गठबंधन कहा जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब दोनों एक दूसरे के साथ पूरी तरह से बंधे हुए हैं। अब उनसे यह आशा की जाती है कि जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त् करने में वे एक दूसरे के पूरक बनेंगे। गठबंधन करते समय वधू के पल्ले और वर के दुपट्टे के बीच सिक्का, पुष्प, हल्दी, दूर्वा और अक्षत बांधे जाते हैं।

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