Rudraksha Types: कौन सा रुद्राक्ष किस समस्या को करता है दूर, जानिए उनका रहस्य

Rudraksha Types: अगर आप अपनी आध्यात्मिक यात्रा को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए रुद्राक्ष खरीदने पर विचार कर रहे हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है। प्रत्येक रुद्राक्ष का अपना एक अनूठा महत्व होता है।

Rudraksha Types: रुद्राक्ष शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है-रुद्र यानी भगवान शिव और-अक्ष यानी आंसू। मान्यता है कि भगवान शिव की तपस्या के दौरान उनके आंसुओं से रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई थी। यही वजह है कि इसे बेहद पवित्र और चमत्कारी माना जाता है। रुद्राक्ष के दाने खास पेड़ों पर उगते हैं। इन दानों के ऊपर नीले रंग की परत होती है और हर दाने पर कुछ प्राकृतिक रेखाएं बनी होती हैं। इन्हीं रेखाओं को मुखी (mukhi rudraksha) कहा जाता है। किसी रुद्राक्ष में कितने मुख हैं, उसी से उसकी पहचान और महत्व तय होता है।

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कौन सा रुद्राक्ष किस समस्या को करता है दूर

एक रुद्राक्ष का पेड़ फल देने में करीब 10 से 12 साल का समय लेता है। जब इसका फल पक जाता है तो उसे कुछ दिनों तक पानी में भिगोया जाता है। इसके बाद उसका गूदा हटाकर अंदर से रुद्राक्ष का दाना निकाला जाता है। आमतौर पर रुद्राक्ष 1 मुखी से लेकर 21 मुखी तक पाए जाते हैं। हालांकि, अब इससे ज्यादा मुख वाले रुद्राक्ष भी मिलने लगे हैं, लेकिन पुराने धार्मिक ग्रंथों में उनका जिक्र नहीं मिलता।

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