19 या 20 फरवरी, भारत में कब से शुरू होगा रमजान, क्या सऊदी अरब में दिख गया चांद
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Feb 17, 2026, 11:52 PM IST
Ramzan 2026 Date in India: रमजान का महीना इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पाक महीना माना जाता है। 17 फरवरी की शाम को सऊदी अरब में चांद देखने की प्रक्रिया की गई, जिसके बाद से रमजान की तारीख की घोषणा हो गई है। इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि भारत में रमजान का महीना कब से शुरू होगा?
भारत में रमजान कब से शुरू होगा
Ramzan 2026 Date in India: इस्लाम में रमजान के महीने को बेहद ही पाक माना जाता है। रमजान को इबादत, संयम और आत्म-अनुशासन का महीना माना जाता है। यह महीना शाबान महीने की 29वीं रात को चांद दिखाई देने के बाद से शुरू होता है। अगर किसी कारणवश इस दिन चांद नहीं दिखता है तो शाबान के महीने के 30वें दिन चांद देखा जाता है और अगले दिन से रमजान का पाक महीना शुरू माना जाता है।
सऊदी अरब में दिख गया चांद
साल 2026 में शाबान महीने की 29वीं रात 17 फरवरी को मानी गई है। सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को चांद देखने का आदेश दिया था। जिसके चलते शाम की नमाज के बाद चांद देखने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान चांद दिख गया। इसके चलते 18 फरवरी से रमजान की शुरुआत मानी गई है। ऐसे में लगभग सभी खाड़ी देशों में 18 फरवरी से रोजे की शुरुआत होगी।
भारत में कब से शुरू होगा रमजान
अधिकतर सऊदी अरब में चांद दिखने के अगले दिन भारत में चांद देखने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। हालांकि कभी-कभी भारत में अगर अगले दिन चांद नहीं दिखता है तो शाबान महीने की 30वें दिन चांद देखा जाता है। ऐसे में सऊदी अरब और भारत में रमजान की शुरुआत में दो दिन को फासला हो सकता है। वैसे अमूमन साऊदी अरब में चांद दिखने के अगले दिन भारत में चांद देखा जाता है, जिसके बाद रमजान माह शुरू हो जाता है। इस कारण साल 2026 की 18 फरवरी को भारत में शाबान महीने की 29वीं रात होगी और इस दिन चांद देखा जाएगा। पूरी संभावना है कि भारत में 19 फरवरी से रमजान का महीना शुरू हो जाएगा।
बेहद पाक है रमजान का महीना
रमजान का महीना इस्लामिक कैलेंडर में बेहद पाक माना जाता है। यह पूरा माह अल्लाह की इबादत का होता है। इस महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं। इस दौरान सुबह सेहरी के समय भोजन किया जाता है और सूरज डूबने तक रोजा रखा जाता है। शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है। इस दौरान लोग अधिक से अधिक नमाज पढ़ते हैं, कुरान का पाठ करते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। यह महीना आत्मिक शुद्धि और धैर्य सिखाता है।
इस्लामिक कैलेंडर के ये हैं 12 महीने
इस्लामी हिजरी कैलेंडर में कुल 12 महीने होते हैं। उनका क्रम इस प्रकार है: मुहर्रम, सफर, रबीउल अव्वल, रबीउल आखिर, जमादिउल अव्वल, जमादिउल आखिर, रजब, शाबान, रमजान, शव्वाल, जिलकद और जिलहिज्जा। इस क्रम में रमजान नौवां महीना है और यह शाबान के बाद आता है। यानी जब शाबान का महीना खत्म होता है, तब रमजान की शुरुआत होती है। रमजान के बाद जो महीना आता है वह शव्वाल है, जिसमें ईद-उल-फितर मनाई जाती है।
