Period Mein Karva Chauth Ki Puja Kaise Karen: अमूमन पीरियड्स के दौरान कोई भी व्रत-पूजा करने से मना किया जाता है। लेकिन करवा चौथ व्रत को बीच में छोड़ा नहीं जा सकता। तो ऐसे में इस दौरान क्या करना चाहिए इस बारे में आपको बताते हैं। सबसे पहले तो ये जान लें कि किसी भी स्थिति में करवा चौथ का व्रत नहीं छोड़ना चाहिए। हालांकि बीमार होने या पीरियड्स के समय पर व्रत के नियमों में थोड़ा बदलाव हो जाता है। चलिए आपको बताते हैं पीरियड्स और बीमारी में करवा चौथ का व्रत कैसे करना चाहिए।
Karwa Chauth Vrat In periods
पहली बार करवा चौथ का व्रत कैसे रखें
Period Mein Karva Chauth Ki Puja Kaise Karen (पीरियड्स में करवा चौथ व्रत कैसे रखें)
शास्त्रों अनुसार पीरियड्स के दौरान भी करवा चौथ का व्रत रखा जा सकता है। बस इस समय आपको पूजा के सामान को हाथ नहीं लगाना है। आप इस स्थिति में करवा चौथ की पूजा करने के लिए किसी सुहागिन महिला की सहायता ले सकती हैं। आप पूजा के स्थान से थोड़ा दूर बैठकर करवा चौथ की व्रत कथा सुन सकती हैं। साथ ही मन ही मन ईश्वर की अराधना करती रहें। वहीं जब चांद निकल जाए तो उसे अर्घ्य देकर अपना व्रत खोल लें।
पीरियड्स में चंद्रमा को अर्घ्य दे सकते हैं? (Period Me Chand Ko Arghya De Sakte Hai)
जी हां, पीरियड्स के समय पूजा की मनाही होती है लेकिन चांद को अर्घ्य दिया जा सकता है। चांद को विधि विधान अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोल सकती हैं।
पीरियड्स में करवा चौथ व्रत रखने की विधि (Period Me Karwa Chauth Vrat Ki Vidhi)
यदि आपको करवा चौथ व्रत के दिन या उससे एक-दो दिन पहले पीरियड्स आ जाएं तो आप सरगी खाएं और बड़ों का आशीर्वाद लेकर व्रत शुरू करें। पूरे दिन निर्जला व्रत रहें। इस दिन आप सोलह श्रृंगार भी कर सकती हैं। लेकिन स्वयं पूजा नहीं करनी है। हालांकि आप दूर बैठकर किसी दूसरी महिला से व्रत की कथा सुन सकती हैं। इस दौरान मंदिर न जाएं और पूजा के किसी भी सामान का स्पर्श न करें। अगर आपके घर में कोई अन्य महिला नहीं है तो आप इस व्रत की पूजा में अपने पति की मदद ले सकती हैं क्योंकि पति-पत्नी को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है। रात में चांद को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोल लें।
