28 September 2024 Panchang: पंचांग अनुसार 28 तारीख को पितृ पक्ष श्राद्ध एकादशी है। जिसे इंदिरा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ये एकादशी व्रत पितरों की आत्मा की शांति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन अश्लेषा नक्षत्र रहेगा। चंद्र देव कर्क राशि में तो सूर्य देव कन्या राशि में रहेंगे। अभिजित मुहूर्त 11:54 am से 12:37 pm तक रहेगा। जानिए 28 तारीख का पूरा पंचांग।
Panchang 28 September 2024
28 सितंबर 2024 पंचांग (28 September 2024 Panchang)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-आश्विन ,कृष्ण पक्ष
तिथि- एकादशी व्रत- पितृ पक्ष श्राद्ध एकादशी ,एकादशी व्रत
दिवस-शनिवार
सूर्योदय-06:15am सूर्यास्त-06:02pm
नक्षत्र- आश्लेषा
चन्द्र राशि -- कर्क,- स्वामी ग्रह-चन्द्रमा
सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध
करण- बालव 02:48pm तक फिर कौलव
योग- सिद्ध 11:53pm तक फिर साध्य
28 सितंबर 2024 शुभ मुहूर्त (28 September 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:54 am से 12:37 pm तक
विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:23 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:25 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:05am तक
अमृत काल-06:08am से 07;42am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:45 से 12:21 तक रात
संध्या पूजन-06:26 pm से 07:05pm तक
दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त-राहुकाल--प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक
क्या करें-क्या ना करें- आश्विन माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। पितृ पक्ष चल रहा है। आज एकादशी श्राद्ध दिवस है। अपने पितरों का श्राद्ध अवश्य करें। आज एकादशी व्रत रख सकते हैं। भगवान विष्णु जी की उपासना करें। विष्णु जी पालनकर्ता, संकटहर्ता हैं। उनकी भक्ति कल्याणकारी हैं।वह संकटों का नाश करते हैं। विष्णु जी की उपासना से सभी ग्रह प्रसन्न रहते हैं। सुबह मन्दिर में भगवान विष्णु जी के दर्शन के बाद दिन भर उपवास में उनकी उपासना की जाती है। आज संकल्प करें कि हम धार्मिक ज्ञान व शुद्ध आचरण प्राप्त करेंगे। अच्छे मार्ग पर चलेंगे। सायंकाल भोजन वो भी फलाहार व्रत रखते हैं। श्री कृष्ण उपासना करें। आज आपका भोजन फलाहारी हो। कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराएं। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। भगवान का संकीर्तन करें। पितृ पक्ष में नियमित पितरों का श्राद्ध करें। गाय को रोटी,गुड़ व भोजन दें। कौवे को नित्य भोजन दें। श्राद्ध पक्ष में नियमित तर्पण करें व तिथि के दिन श्राद्ध अवश्य करें। पिता ,माता ,गुरु व बड़े भाई का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। गीता का नियमित पाठ अत्यंत लाभ करेगा। आज विष्णु जी के मन्दिर में उनको तुलसी दल अर्पित करें तथा भगवान के विग्रह की 04 परिक्रमा करें। जो लोग एकादशी व्रत रखते हैं वह पूर्ण फलाहार व्रत करेंगे। यह व्रत बहुत ही धन व ऐश्वर्य प्रदान करता है। आज चावल ग्रहण मत करें।
