ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ... गणेश जी का मंत्र लिखित में अर्थ सहित, कब और कैसे करें जाप, क्या हैं लाभ

Ganesh ji Mantra ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ: गणपति की पूजा में उनके इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है। ॐ वक्रतुण्ड महाकाय... गणेश की मंत्र शुभ फलदायी और विघ्न हरने वाला माना गया है। इस मंत्र का सुबह के समय या किसी नए कार्य की शुरूआत के समय जाप करना चाहिए। शुरूआत में 11 से 21 बार इस मंत्र का जाप करें।

Ganesh ji Mantra ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ: पूजा गणेश जी की हो या किसी भी भगवान की- गणपति का आवाहन हर पूजा में किया जाता है। इस लेख में ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ... गणेश मंत्र के पूरे लिरिक्स दिए गए हैं। साथ ही आप इसका शब्द से शब्द अर्थ जान सकते हैं। गणेश मंत्र के जाप करने की विधि भी यहां बताई गई है। इस मंत्र को नए कार्य के प्रारंभ में, गणेश पूजा आदि में जप सकते हैं।

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ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ... गणेश जी का मंत्र लिखित में अर्थ सहित (Pic: Canva)

Om Vakratunda Mahakaya Ganesh Mantra

ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

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