Nazar Dosh Upay : लाल किताब, तंत्र शास्त्र बुरी नजर को एक गंभीर समस्या माना गया है। खासकर नवजात शिशु और छोटे बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं, क्योंकि उनकी ऊर्जा शुद्ध और कोमल होती है। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि नजर दोष से बच्चे को रोग लगता है, इसलिए उसकी विधि-विधान से रक्षा करनी चाहिए। लाल किताब में नजर दोष को राहु-केतु और शनि का प्रभाव बताया गया है। तंत्र शास्त्र में इसे द्रष्टि दोष कहा गया है, जिसे सरल उपायों से दूर किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि किन उपायों को करने से बच्चे को नजर दोष से बचाया जा सकता है।
नजर बचाव से उपाय के लिए करें ये काम
- अगर बच्चे को बार-बार नजर लग जाती है, तो शनिवार के दिन किसी हनुमान मंदिर जाएं। वहां से हनुमानजी की मूर्ति के कंधे का थोड़ा सा सिंदूर लेकर रोज बच्चे के माथे पर लगाएं। इससे नजर दोष का असर कम होता है और बच्चा सुरक्षित रहता है।
- बच्चे को नजर लगी हो तो फिटकरी और सरसों को उसके सिर से सात बार वार लें और फिर गैस पर रखकर जला दें। अगर जलाते समय चटकने या गंध आने लगे तो समझें कि नजर उतर गई है।
- एक तांबे के लोटे में पानी और ताजे फूल डालकर बच्चे के सिर से 7 या 11 बार उतारें। इसके बाद उस जल को किसी गमले या पौधे में डाल दें। इससे बच्चे की थकान और बेचैनी दूर होती है।
- सूखी मिर्च और सरसों के दाने लेकर बच्चे के सिर से वारें और बाहर जाकर अंगारे पर जला दें। अगर इसमें से गंध आए तो सब ठीक है, लेकिन अगर कोई गंध नहीं आती तो मानें कि बच्चे को नजर लगी थी।
- चुटकीभर नमक लें और बच्चे के सिर से सात बार वारकर उसे टॉयलेट के पानी में बहा दें। ऐसा करने से नजर दोष का असर खत्म होता है और बच्चा जल्दी ठीक महसूस करने लगता है।
