Nag Panchami 2025 Mantra Sanskrit: नाग पंचमी की पूजा के समय आपको यहां दिए मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए। इस मंत्र के जाप से ग्रह दोष से छुटकारा मिल जाता है। इन मंत्रों का उच्चारण मुश्किल जरूर है, लेकिन अगर आप देखकर पढ़ते हैं तो आसान और शुद्ध उच्चारण में आपकी मदद होगी। यहां देखें नाग पंचमी की पूजा के मंत्र-
नाग पंचमी का मंत्र-
अनंतं वासुकि शेष पद्मनाभं च कम्बलम्।
शड्खपाल धार्तराष्ट्र तक्षकं कालियं तथा।।
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रातः काले विशेषतः।।
तस्मे विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयीं भवेत्।
आठ नागों का मंत्र क्या है?
वासुकिः तक्षकश्चैव कालियो मणिभद्रकः। ऐरावतो धृतराष्ट्रः कार्कोटकधनंजयौ ॥
अनंतं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्। शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा ॥
ॐ नवकुलाय विद्यमहे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात् ।।
सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले। ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥
नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताःप्रसन्नाः सन्तु मे सदा॥
सर्प पूजन मंत्र-
ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्
नाग देवता के 108 नाम-
- ॐ अनन्ताय नमः
- ॐ आदिशेषाय नमः
- ॐ अगदाय नमः
- ॐ अखिलोर्वेचराय नमः
- ॐ अमितविक्रमाय नमः
- ॐ अनिमिषार्चिताय नमः
- ॐ आदिवन्द्यानिवृत्तये नमः
- ॐ विनायकोदरबद्धाय नमः
- ॐ विष्णुप्रियाय नमः
- ॐ वेदस्तुत्याय नमः
- ॐ विहितधर्माय नमः
- ॐ विषधराय नमः
- ॐ शेषाय नमः
- ॐ शत्रुसूदनाय नमः
- ॐ अशेषफणामण्डलमण्डिताय नमः
- ॐ अप्रतिहतानुग्रहदायिने नमः
- ॐ अमिताचाराय नमः
- ॐ अखण्डैश्वर्यसम्पन्नाय नमः
- ॐ अमराहिपस्तुत्याय नमः
- ॐ अघोररूपाय नमः
- ॐ व्यालव्याय नमः
- ॐ वासुकये नमः
- ॐ वरप्रदायकाय नमः
- ॐ वनचराय नमः
- ॐ वंशवर्धनाय नमः
- ॐ वासुदेवशयनाय नमः
- ॐ वटवृक्षार्चिताय नमः
- ॐ विप्रवेषधारिणे नमः
- ॐ त्वरितागमनाय नमः
- ॐ तमोरूपाय नमः
- ॐ दर्पीकराय नमः
- ॐ धरणीधराय नमः
- ॐ कश्यपात्मजाय नमः
- ॐ कालरूपाय नमः
- ॐ युगाधिपाय नमः
- ॐ युगन्धराय नमः
- ॐ रश्मिवन्ताय नमः
- ॐ रम्यगात्राय नमः
- ॐ केशवप्रियाय नमः
- ॐ विश्वम्भराय नमः
- ॐ शङ्कराभरणाय नमः
- ॐ शङ्खपालाय नमः
- ॐ शम्भुप्रियाय नमः
- ॐ षडाननाय नमः
- ॐ पञ्चशिरसे नमः
- ॐ पापनाशाय नमः
- ॐ प्रमदाय नमः
- ॐ प्रचण्डाय नमः
- ॐ भक्तिवश्याय नमः
- ॐ भक्तरक्षकाय नमः
- ॐ बहुशिरसे नमः
- ॐ भाग्यवर्धनाय नमः
- ॐ भवभीतिहराय नमः
- ॐ तक्षकाय नमः
- ॐ लोकत्रयाधीशाय नमः
- ॐ शिवाय नमः
- ॐ वेदवेद्याय नमः
- ॐ पूर्णाय नमः
- ॐ पुण्याय नमः
- ॐ पुण्यकीर्तये नमः
- ॐ पटेशाय नमः
- ॐपारगाय नमः
- ॐ निष्कलाय नमः
- ॐ वरप्रदाय नमः
- ॐ कर्कोटकाय नमः
- ॐ श्रेष्ठाय नमः
- ॐ शान्ताय नमः
- ॐ दान्ताय नमः
- ॐ आदित्यमर्दनाय नमः
- ॐ सर्वपूज्याय नमः
- ॐ सर्वाकाराय नमः
- ॐ निराशयाय नमः
- ॐ निरञ्जनाय नमः
- ॐ ऐरावताय नमः
- ॐ शरण्याय नमः
- ॐ सर्वदायकाय नमः
- ॐ धनञ्जयाय नमः
- ॐ अव्यक्ताय नमः
- ॐ व्यक्तरूपाय नमः
- ॐ तमोहराय नमः
- ॐ योगीश्वराय नमः
- ॐ कल्याणाय नमः
- ॐ वालाय नमः
- ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
- ॐ शङ्करानन्दकराय नमः
- ॐ जितक्रोधाय नमः
- ॐ जीवाय नमः
- ॐ जयदाय नमः
- ॐ जपप्रियाय नमः
- ॐ विश्वरूपाय नमः
- ॐ विधिस्तुताय नमः
- ॐ विधीन्द्रशिवसंस्तुत्याय नमः
- ॐ श्रेयप्रदाय नमः
- ॐप्राणदाय नमः
- ॐ विष्णुतल्पाय नमः
- ॐ गुप्ताय नमः
- ॐ गुप्ततराय नमः
- ॐ रक्तवस्त्राय नमः
- ॐ रक्तभूषाय नमः
- ॐ भुजङ्गाय नमः
- ॐ भयरूपाय नमः
- ॐ सरीसृपाय नमः
- ॐ सकलरूपाय नमः
- ॐ कद्रुवासम्भूताय नमः
- ॐ आधारविधिपथिकाय नमः
- ॐ सुषुम्नाद्वारमध्यगाय नमः
- ॐ फणिरत्नविभूषणाय नमः
- ॐ नागेन्द्राय नमः
नाग देवता की आरती-
।।नाग देवता की आरती।।
श्रीनागदेव आरती पंचमी की कीजै ।
तन मन धन सब अर्पण कीजै ।
नेत्र लाल भिरकुटी विशाला ।
चले बिन पैर सुने बिन काना ।
उनको अपना सर्वस्व दीजे।।
पाताल लोक में तेरा वासा ।
शंकर विघन विनायक नासा ।
भगतों का सर्व कष्ट हर लिजै।।
शीश मणि मुख विषम ज्वाला ।
दुष्ट जनों का करे निवाला ।
भगत तेरो अमृत रस पिजे।।
वेद पुराण सब महिमा गावें ।
नारद शारद शीश निवावें ।
सावल सा से वर तुम दीजे।।
नोंवी के दिन ज्योत जगावे ।
खीर चूरमे का भोग लगावे ।
रामनिवास तन मन धन सब अर्पण कीजै ।
आरती श्री नागदेव जी कीजै ।।
