Muharram 2025: कब है मुहर्रम की 10वीं तारीख 6 या 7 जुलाई? यहां जानें यौमे-ए-अशूरा क्यों और कैसे मनाया जाता है

Muharram Kyu Manaya Jata Hai: यौम-ए-आशूरा, इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। यह दिन खास तौर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है, जो इस्लाम के पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे थे और करबला की जंग में अन्याय और ज़ुल्म के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हो गए थे।

Muharram Kyu Manaya Jata Hai: मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है, जो नए इस्लामी वर्ष की शुरुआत को चिह्नित करता है। यह चार पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। 2025 में भारत में मुहर्रम 27 जून को शुरू हुआ था और इसका दसवां दिन अशुरा 6 जुलाई को मनाया जाएगा। यह महीना मुसलमानों के लिए प्रार्थना, आत्मचिंतन और धार्मिक गतिविधियों का समय है। यहां आप जानेंगे मुहूर्रम का 10वां दिन क्यों खास माना जाता है और इस दिन मुस्लिम लोग क्या करते हैं।

Muharram Kyu Manaya Jata Hai

मुहर्रम क्यों मनाया जाता है? (Muharram Kyu Manaya Jata Hai)

मुहर्रम का 10वां दिन जो यौम-ए-आशूरा के नाम से जाना जाता है। ये कई ऐतिहासिक और धार्मिक कारणों से जुड़ा है। इसका मुख्य कारण पैगंबर मुहम्मद के पौत्र, इमाम हुसैन इब्न अली की शहादत है, जो 680 ईस्वी में करबला की जंग में हुई। शिया मुसलमान इस घटना को शोक के साथ याद करते हैं, क्योंकि हुसैन ने उमय्यद खलीफा यजीद की अनैतिक सत्ता के खिलाफ सत्य और न्याय के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। इसलिए इस दौरान शिया मुसलमान काले वस्त्र पहनकर शोक मनाते हैं, जिसमें छाती पीटना और ताजिया निकालना शामिल है। वहीं सुन्नी मुसलमान मुहर्रम में व्रत रखते हैं, दान करते हैं, और प्रार्थना में समय बिताते हैं।

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