मोहिनी एकादशी की व्रत कथा यहां पढ़ें, जानें वैशाख शुक्ल की एकादशी का महात्म्य

वैशाख शुक्ल एकादशी को रखा जाने वाला मोहिनी एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इसकी कथा सुनने या पढ़ने से पाप दूर होते हैं, पुण्य मिलता है और मोक्ष का मार्ग खुलता है।

Mohini Ekadashi Vrat Katha: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है, और वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत विशेष रूप से मोह-माया और बुरे कर्मों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। आइए विस्तार से जानते हैं मोहिनी एकादशी की व्रत कथा।

Mohini Ekadashi Vrat Katha

मोहिनी एकादशी व्रत कथा

धर्मराज युधिष्ठिर ने कहा

हे भगवन्! मैं आपको प्रणाम करता हूं। आपने वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी, यानी वरुथिनी एकादशी के बारे में विस्तार से बताया। अब कृपा करके बताइए कि वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम है? उसकी कथा क्या है और इस व्रत की विधि क्या मानी गई है? कृपया यह सब विस्तार से समझाइए।

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