Mangala Gauri Vrat Katha 2025: मंगला गौरी व्रत कथा, सावन के तीसरे मंगला गौरी पर यहां से पढ़ें

Mangala Gauri Vrat Katha PDF Hindi Text, Puja Ki Vidhi, Samagri and Mantra Aarti: श्रावण मास के मंगलवार के दिन मंगला गौरी व्रत किया जाता है। आज सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत है। सुहागिन महिलाएं इस व्रत में पति की लंबी उम्र के लिए और अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बनाने के लिए मंगला गौरी यानी मां पार्वती की पूजा करती हैं। यहां से आप मंगला गौरी की व्रत कथा देख सकते हैं।

Mangala Gauri Vrat Katha PDF Hindi Text, Puja Ki Vidhi, Samagri and Mantra Aarti: आज सावन के तीसरे मंगला गौरी व्रत का दिन है। ये दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास है। मंगला गौरी व्रत वाले दिन मां गौरी की पूजा की जाती है। उन्हें 16 श्रृंगार का सामान चढ़ाया जाता है। दिनभर महिलाएं उपवास भी रखती हैं। इस दिन की पूजा में व्रत कथा का खास महत्व है। यहां आप मंगला गौरी की पूरी व्रत कथा हिंदी में देख सकते हैं।

मंगला गौरी व्रत कथा (Photo Source: iStock)

Mangla Gauri Vrat Katha In Hindi (मंगला गौरी व्रत कथा हिंदी में)-

कथा के अनुसार कुरु नामक देश में सर्वगुण संपन्न एक बुद्धिमान राजा रहता था। वह अनेकों कलाओं से परिपूर्ण था। जीवन में संपूर्ण सुख प्राप्त होने के बाद भी वह संतान सुख से वंचित था। पुत्र की प्राप्ति के लिए उसने ना जाने कितने जप, तप, ध्यान और अनुष्ठान कर देवी की भक्ति भाव से तपस्या की। राजा की श्रद्धा भक्ति की वजह से देवी मां प्रसन्न होकर हो उसे दर्शन दी। देवी ने कहा 'हे राजन मैं तुम्हारे भक्ति से प्रसन्न हूँ, तुम मुझसे क्या मांगना चाहते हो। तब राजा ने मां से पुत्र का वरदान मांगा। यह सुनकर माता कहीं 'हे राजन यह बहुत ही दुर्लभ वरदान है लेकिन मैं तुम्हारे तप से मैं बहुत प्रसन्न हूं, इसलिए मैं यह वरदान तुम्हें देती हूं।

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