Vastu Tips For 2023: हर व्यक्ति अपने नए साल की शुरुआत खुशियों के साथ करना चाहता है। नए साल को अपने लिए शुभ और खुशियों भरा बनाने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। वास्तु शास्त्र में भी कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिसे करने से आप नए साल में अपने घर को सुख-समृद्धि से भर सकते हैं। अगर आप भी आने वाले साल 2023 की शुरुआत अच्छे से करना चाहते हैं, तो यहां बताए गए वास्तु के इन उपायों को आजमा सकते हैं। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि, इन उपायों को आजमाने से आर्थिक समस्याएं दूर होने के साथ घर में पॉजिटिविटी आती है।
साल 2023 को बनाना चाहते हैं खुशियों भरा तो करें ये पांच उपाय
घर का वास्तु अगर व्यवस्थित नहीं होता है, तो घर में परेशानी बनी ही रहती है। नए साल पर आप घर का वास्तु सही कर सकते हैं। वास्तु शास्त्र के मुताबिक शौचालय यदि घर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना हो तो घर में हमेशा आर्थिक तंगी बनी रहती है। अगर आपके घर का शौचालय गलत दिशा में बना है, तो साल की शुरुआत के पहले ही इसे ठीक करा सकते हैं। शौचालय को हमेशा उत्तर या उत्तर पश्चिम दिशा में बनवाना चाहिए।
अगर आप आर्थिक समस्या से परेशान है या आपने किसी से कर्ज लिया है, तो उससे छुटकारा पाने के लिए आप इस टिप्स को आजमा सकते हैं। कर्ज से मुक्ति पाने के लिए आप घर पर कांच लगवा सकते हैं, क्यों कि कांच लगवाना शुभ होता है। कांच को आप नए साल की शुरुआत होने से पहले घर या दुकान की उत्तर-पूर्व दिशा में लगवा सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कांच लाल, सिंदूरी या मैरून रंग में ना लगवाएं।
अगर आप चाहें तो अपने घर की आर्थिेक स्थिति को और भी मजबूत करने के लिए घर में छोटे मोटे बदलाव भी कर सकते हैं। नए साल की शुरुआत के पहले आप घर के मुख्य द्वार के पास एक और छोटा-सा द्वार लगवा सकते हैं। ऐसा करने से घर में धन की कमी नहीं होती।
नए साल पर हरी-भरी तुलसी का पौधा घर के उत्तर-पूर्व कोण में लगाकर शाम को घी का दीपक जलाएं। ऐसा नियमित रूप से करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। वहीं वास्तुदोष को दूर करने के लिए नए साल में अपने घर में स्फटिक श्रीयंत्र की भी स्थापना कर सकते हैं। नए साल के पहले दिन घर की सफाई करने के बाद हल्दी को गंगाजल में घोलकर एक पान के पत्ते से अपने पूरे घर में छिड़काव कीजिए। ऐसा करने से घर में सुख शांति बनी रहने के साथ माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी। साथ ही घर से नकारात्मक शक्तियां दूर होगी।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
