Krishna Janmashtami Vrat Katha 2025: श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा, इस कथा के बिना भगवान को भोग भी नहीं है स्वीकार, पढ़ें कृष्ण जन्म की कहानी

Krishan Janmashtami Vrat Katha In Hindi 2025 (श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा): भगवान कृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था। कान्हा के जन्म की कथा पढ़ भक्तों की आंख भर आती है। आज जन्माष्टमी के दिन इस कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। इस कथा को सुनने मात्र से सारे पाप धूल जाते हैं।

Krishan Janmashtami Vrat Katha In Hindi 2025 (श्री कृष्ण जन्म कथा): हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस खास मौके पर कान्हा जी की भक्ति की जाती है। भजन-किर्तन किए जाते हैं। श्री कृष्ण चालीसा का पाठ किया जाता है और साथ ही कृष्ण जन्म की कहानी भी पढ़ी जाती है। कृष्ण जन्म की कथा के बिना जन्माष्टमी का त्योहार अधूरा है। इस कथा में लड्डू गोपाल के जन्म से लेकर कंस वध तक का वर्णन है। यहां से आप श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा पढ़ सकते हैं।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा (photo source: AI)

श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा (Krishna Janmashtami Vrat Katha)

इंद्र ने कहा हे मुनि श्रेष्ठ व्रतों में जो श्रेष्ठ व्रत हो वह उत्तम व्रत आप मुझसे कहिये-नारद जी ने कहा-द्वापर येग में नीच कर्मों को करन वाला महापापी कंस नाम का दैत्य हुआ। उस कंस की परम सुंदरी बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ हुआ । वासुदेव तथा देवकी की आठवीं संतान तुम्हारा वध करेगी, ऐसी आकाशवाणी सुनकर अत्यन्त क्रोधित होकर कंस ने दोनों को कारागार में डाल दिया। कंस जब देवकी को मारने लगा तो वासुदेव ने कंस को वचन दिया कि वह अपनी हर संतान उसे सौंप देंगे। तब कंस ने द्वारपालों को दोनो का ध्यान रखने को कहा और चला गया। एक-एक कर कंस ने देवकी के छः पुत्रों की हत्या कर दी। भगवान विष्णु के कहने पर योग माया ने देवकी के सातवें गर्भ को वासुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी के गर्भ में स्थानांतरित कर दिया ।

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