Mathura Janmashtami 2023: जन्माष्टमी की पूजा विधि और श्री कृष्ण की आरती यहां देखें
Mathura Janmashtami 2023: जन्माष्टमी की पूजा विधि और श्री कृष्ण की आरती यहां देखें
Janmashtami Puja Muhurat 2023 Check Here | Janmashtami 2023 Wishes In Hindi
कृष्ण जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त 2023 (Krishna Janmashtami Muhurat 2023)
आज यानि 7 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से देर रात 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। जबकि अष्टमी तिथि शाम 04 बजकर 14 मिनट पर समाप्त हो जाएगी और रोहिणी नक्षत्र का समापन सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर होगा।
कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती, महत्व, लड्डू गोपाल की पूजा के नियम और संपूर्ण जानकारी जानने के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर...
Krishna Janmashtami Katha: कृष्ण जन्माष्टमी कथा
इस तरह से कारागार में ही देवकी ने अपनी सात संतानों को जन्म दिया और कंस ने एक-एक करके सभी को मार दिया। इसके बाद जैसे ही देवकी की आठवी संतान होने को थी वैसे ही कंस ने कारागार का पहरा और भी कड़ा कर दिया। तब भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में कान्हा का जन्म हुआ। तभी श्री विष्णु ने वसुदेव को दर्शन देकर कहा कि वह स्वयं ही उनके पुत्र के रूप में जन्म ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वसुदेव उन्हें वृंदावन में नंदबाबा के घर पर छोड़ आएं और यशोदा जी के गर्भ से जन्मी कन्या को कारागार में ले आएं। यशोदा जी के गर्भ से जन्मी कन्या कोई और नहीं बल्कि स्वयं माया थी। यह सबकुछ सुनने के बाद वसुदेव जी ने ठीक वैसा ही किया।
भगवान कृष्ण का जैसे ही जन्म हुआ वसुदेव जी ने उन्हें अपनी गोद में उठाया। कारागार के ताले खुद ही खुल गए। पहरेदार नींद के आगोश में आ गए। फिर वसुदेव जी कन्हैया को टोकरी में रखकर वृंदावन की ओर निकल पड़े। कहते हैं कि उस समय यमुना जी पूरे ऊफान पर थीं वसुदेव जी ने टोकरी को सिर पर रखा और यमुना जी को पार करके नंद बाबा के घर पहुंच गए। वहां कन्हैया को यशोदा जी के पास रखकर कन्या को लेकर मथुरा वापस लौट आए।
जब कंस को देवकी की आठवीं संतान के बारे में पता चला तो वह कारागार पहुंचा। उसने देखा कि देवकी की आठवीं संतान तो कन्या है लेकिन फिर भी वो उसे जैसे ही जमीन पर पटकने लगा कि वह मायारूपी कन्या आसमान में पहुंचकर बोली कि रे मूर्ख मुझे मारने से क्या होगा। तेरा काल तो पहले से ही वृंदावन पहुंच चुका है और वह जल्दी ही तेरा अंत करेगा। इसके बाद कंस ने वृंदावन में जन्में सभी नवजातों का पता लगाया। जब उसे यशोदा के लाला का पता चला तो उसने उसे मारने के लिए कई प्रयास किए। लेकिन कोई भी उस बालक का बाल भी बांका नहीं कर पाया। फिर कृष्ण ने युवावस्था में कंस का अंत किया।
मान्यता है कि जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्म की यह अद्भुत कथा सुनने मात्र से ही समस्त पापों का नाश हो जाता है। साथ ही कन्हैया की कृपा बरसती है।
Krishna Ji Ki Aarti: भगवान कृष्ण की आरती
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक,
कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै ।
बजे मुरचंग,
मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस,
जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद,
चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
Krishna Janmashtami 2023 Puja Muhurat And Vrat Parana Time
कृष्ण जन्माष्टमी पारण समय06:02 ए एम, सितम्बर 08 के बाद
चन्द्रोदय समय11:43 पी एम
Krishna Janmashtami Bhajan Lyrics: कृष्ण जन्माष्टमी भजन लिरिक्स
Mathura Janmashtami Live: मथुरा से सीधे लाइव दर्शन
Janmashtami Vrat Kholne Ka Samay: जन्माष्टमी व्रत खोलने का समय
नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की | Krishna Janmashtami Bhajan Lyrics
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
हे ब्रज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
जय हो नन्द लाल की, जय यशोदा लाल की
गोकुल के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
गोकुल के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
हे आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की
गोकुल के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
गोकुल के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
जय यशोदा लाल की, जय हो नन्द लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की ||
जय हो नन्द लाल की, जय यशोदा लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की ||
हे कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की ||
जय हो नन्द लाल की, जय यशोदा लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की ||
हे गौएँ चराने आये, जय हो पशुपाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
जय हो नन्द लाल की, जय यशोदा लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की ||
पूनम के चन्द्र जैसी, सोभा हे पालकी
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की |
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की ||
ये भक्तों के आनंद कन्द, जय यशोदा लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की |
जय यशोदा लाल की, जय हो गोपाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
आनंद से बोलो सब, जय हो ब्रज लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की |
जय हो ब्रज लाल की, पावन प्रतिपाल की
हे नन्द के आनंद भयो, जय हो नन्द लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
Krishna Bhajan List: कृष्ण भजन लिस्ट
- आरती कुंज बिहारी की
- नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
- मधुराष्टकम
- मैं आरती तेरी गाउँ, ओ केशव कुञ्ज बिहारी
- मेरा गोपाल झूले पलना, मदन गोपाल झूले पलना
- अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं
- मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है
- सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया - अर्थ सहित
- श्याम रंग में रंगी चुनरिया, अब रंग दूजो भावे ना
- काली कमली वाला, मेरा यार है
- मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना
- ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला
- अरे द्वारपालों, कन्हैया से कह दो
- फूलो में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन बिहारी
- मुझे अपने ही रंग में रंगले, मेरे यार सांवरे
Krishna Janmashtami Puja Muhurat 2023: कृष्ण जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त 2023
जन्माष्टमी पूजा सामग्री
Janmashtami Chand Kab Niklega 2023: आज चांद निकलने का समय
Krishna Janmashtami City Wise Puja Timings 2023
- नई दिल्ली 11:56 पी एम से 12:42 ए एम, सितम्बर 08
- चेन्नई 11:44 पी एम से 12:30 ए एम, सितम्बर 08
- जयपुर 12:02 ए एम से 12:48 ए एम, सितम्बर 08
- हैदराबाद 11:51 पी एम से 12:37 ए एम, सितम्बर 08
- गुरुग्राम 11:57 पी एम से 12:43 ए एम, सितम्बर 08
- चण्डीगढ़ 11:58 पी एम से 12:44 ए एम, सितम्बर 08
- कोलकाता 11:12 पी एम से 11:58 पी एम
- मुम्बई 12:13 ए एम से 01:00 ए एम, सितम्बर 08
- बेंगलूरु 11:54 पी एम से 12:41 ए एम, सितम्बर 08
- अहमदाबाद 12:15 ए एम से 01:01 ए एम, सितम्बर 08
- नोएडा 11:56 पी एम से 12:41 ए एम, सितम्बर 08
Kirshna Janmashtami Puja Muhurat 2023: कृष्ण जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त
निशिता पूजा का समय11:56 पी एम से 12:42 ए एम, सितम्बर 08
कृष्ण जन्माष्टमी पारण समय06:02 ए एम, सितम्बर 08 के बाद
चन्द्रोदय समय11:43 पी एम
अष्टमी तिथि प्रारम्भ6 सितंबर 2023 को 03:37 पी एम बजे
अष्टमी तिथि समाप्त7 सितंबर 2023 को 04:14 पी एम बजे
रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ6 सितंबर 2023 को 09:20 ए एम बजे
रोहिणी नक्षत्र समाप्त7 सितंबर 2023 को 10:25 ए एम बजे
मक्खन मिश्री रेसिपी (Makhan Mishri Recipe)
1/2 कप घी
4-5 बर्फ के टुकड़े
3 बड़े चम्मच मिश्री
बनाने का तरीका- मक्खन मिश्री बनाने के लिए ताजा मक्खन लें। लेकिन अगर मक्खन न हो तो घी में बर्फ डालकर उसे अच्छी से फेंट लें। घी फेंटते हुए आपको मक्खन अलग होता दिखने लगेगा। इससे बर्फ निकाल लें और मक्खन में मिश्री डालकर अच्छी तरह से मिला लें। आपका प्रसाद तैयार है। निकालकर भगवान को भोग लगाएं।
Krishna Janmashtami Vrat Katha- कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा
इस तरह से कारागार में ही देवकी ने अपनी सात संतानों को जन्म दिया और कंस ने एक-एक करके सभी को मार दिया। इसके बाद जैसे ही देवकी की आठवी संतान होने को थी वैसे ही कंस ने कारागार का पहरा और भी कड़ा कर दिया। तब भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में कान्हा का जन्म हुआ। तभी श्री विष्णु ने वसुदेव को दर्शन देकर कहा कि वह स्वयं ही उनके पुत्र के रूप में जन्म ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वसुदेव उन्हें वृंदावन में नंदबाबा के घर पर छोड़ आएं और यशोदा जी के गर्भ से जन्मी कन्या को कारागार में ले आएं। यशोदा जी के गर्भ से जन्मी कन्या कोई और नहीं बल्कि स्वयं माया थी। यह सबकुछ सुनने के बाद वसुदेव जी ने ठीक वैसा ही किया।
भगवान कृष्ण का जैसे ही जन्म हुआ वसुदेव जी ने उन्हें अपनी गोद में उठाया। कारागार के ताले खुद ही खुल गए। पहरेदार नींद के आगोश में आ गए। फिर वसुदेव जी कन्हैया को टोकरी में रखकर वृंदावन की ओर निकल पड़े। कहते हैं कि उस समय यमुना जी पूरे ऊफान पर थीं वसुदेव जी ने टोकरी को सिर पर रखा और यमुना जी को पार करके नंद बाबा के घर पहुंच गए। वहां कन्हैया को यशोदा जी के पास रखकर कन्या को लेकर मथुरा वापस लौट आए।
जब कंस को देवकी की आठवीं संतान के बारे में पता चला तो वह कारागार पहुंचा। उसने देखा कि देवकी की आठवीं संतान तो कन्या है लेकिन फिर भी वो उसे जैसे ही जमीन पर पटकने लगा कि वह मायारूपी कन्या आसमान में पहुंचकर बोली कि रे मूर्ख मुझे मारने से क्या होगा। तेरा काल तो पहले से ही वृंदावन पहुंच चुका है और वह जल्दी ही तेरा अंत करेगा। इसके बाद कंस ने वृंदावन में जन्में सभी नवजातों का पता लगाया। जब उसे यशोदा के लाला का पता चला तो उसने उसे मारने के लिए कई प्रयास किए। लेकिन कोई भी उस बालक का बाल भी बांका नहीं कर पाया। फिर कृष्ण ने युवावस्था में कंस का अंत किया।
मान्यता है कि जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्म की यह अद्भुत कथा सुनने मात्र से ही समस्त पापों का नाश हो जाता है। साथ ही कन्हैया की कृपा बरसती है।
Krishna Janmashtami Mantra (श्री कृष्ण जन्माष्टमी मंत्र)
-ऊँ कृष्णाय नम:
-कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:
-ऊँ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय नम:
-हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
Dhaniya Panjiri Recipe: धनिया पंजीरी की रेसिपी
मखाने को काट कर चार टुकड़े कर लीजिये और बचा हुआ घी डाल कर घी में तल कर निकाल लीजिये। भुने मखाने को बेलन या किसी भारी चीज से दरदरा कर लीजिये। काजू और बादाम छोटे छोटे काट लीजिये। भुना हुआ धनियां पाउडर, दरदरे मखाने, कद्दूकस किया नारियल, बूरा और मेवे मिला कर पंजीरी बना लीजिये। धनियां की पंजीरी तैयार है। ये धनियां की पंजीरी आप अपने लड्डू गोपाल को खिलाइये और आप खाइये।
