Karwa Chauth 2022 Sargi: करवा चौथ में सरगी का क्या है महत्व, जानें सरगी के नियम

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  • Updated Oct 12, 2022, 04:16 PM IST

Karwa Chauth 2022 Sargi: सुहागिन महिलाओं द्वारा रखे जाने वाले करवा चौथ व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। करवा चौथ व्रत की शुरुआत सरगी करने के बाद होती है। इसलिए इसमें सरगी को महत्वपूर्ण माना गया है। जानते हैं क्यों जरूरी है सरगी और इसके नियम के बारे में।

KEY HIGHLIGHTS
  • करवा चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त में करनी चाहिए सरगी
  • सूर्योदय के बाद की गई सरगी से व्रत का फल नहीं मिलता
  • सरगी करने के बाद ही शुरू होता है करवा चौथ का व्रत

Karwa Chauth 2022 Sargi Importance: हिंदू धर्म में कई व्रत-त्योहार होते हैं जिनमें अलग-अलग नियमों का पालन करना पड़ता है। सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला करवा चौथ व्रत का भी विशेष महत्व होता है। करवा चौथ का व्रत ना सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में भी भारतीय मूल की महिलाएं रखती हैं। पति की लंबी आयु की कामना के लिए करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाता है। इसमें महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय निर्जला व्रत रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार यह व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी के दिन रखा जाता है। इस साल करवा चौथ का व्रत दिन गुरुवार 13 अक्टूबर 2022 को रखा जाएगा। करवा चौथ में कुछ विशेष नियम व परंपराओं का पालन करना पड़ता है।

karwa chauth 2022

करवा चौथ में क्या है सरगी का नियम, जानें

शास्त्रों में इस व्रत से जुड़े नियमों व परंपराओं के बारे में बताया गया है। जिसका पालन करने पर ही महिला का व्रत संपन्न और सफल होता है। करवा चौथ के कई महत्वपूर्ण नियमों में एक है सरगी। सरगी के बाद ही करवा चौथ व्रत की शुरुआत होती है और इसके बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। जानते हैं करवा चौथ में सरगी के महत्व, शुभ मुहूर्त और जुड़ी सभी जानकारी।

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