आज जरूर करें दीपदान, मिलेंगे ये 11 लाभ

DeepDan Ke Fayde: कार्तिक पूर्णिामा यानी देव दीपावली आज 5 नवंबर को मनाई जा रही है। आज की शाम दीपदान करना काफी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन दीपदान करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। ऐसा इस कारण है क्योंकि आज के दिन देवता दीपावली का पर्व मनाते हैं। आइए जानते हैं कि दीपदान से क्या लाभ होता है और आज दीपदान कैसे करें?

DeepDan Ke Fayde: कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली भी कहा जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था और देवताओं ने स्वर्ग से पृथ्वी पर आकर गंगा घाटों पर लाखों दीप जलाए थे। यह परंपरा आज भी वाराणसी के 84 घाटों पर जीवंत है। शिव पुराण, पद्म पुराण में लिखा है कि कार्तिक पूर्णिमा पर एक दीपदान 1008 दीपावली का पुण्य देता है। 2025 में 5 नवंबर बुधवार को यह पर्व सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग में पड़ रहा है। इसका मतलब है कि दीपदान का फल 10 गुना हो जाएगा। आइए, जानते हैं दीपदान से मिलने वाले लाभों के बारे में जानते हैं।

दीपदान के लाभ

दीपदान के लाभ

दीपदान से क्या लाभ मिलते हैं?

  1. आज दीपक जलाने यानी दीपदान से 100 जन्मों के पाप जलकर राख हो जाते हैं। शिव पुराण में लिखा है कि कार्तिक पूर्णिमा को गंगा में दीप प्रवाहित करने से ब्रह्महत्या जैसे महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। इससे पूर्वजन्म के कर्मों का बोझ हल्का होता है और नया जीवन शुरू होता है।
  2. बैकुंठ या कैलाश का द्वार खुलता है। स्कंद पुराण में वर्णित है कि 11 दीपक जलाने से मृत्यु के बाद यमदूत नहीं आते हैं। ऐसा व्यक्ति सीधे मोक्ष को प्राप्त करता है। इससे आत्मा को शाश्वत शांति प्राप्त होती है।
  3. कुबेर की कृपा सीधी आपके घर आती है। लक्ष्मी पुराण के अनुसार घी का दीपक घर में जलाने से धनागमन के 7 द्वार खुलते हैं। इससे कर्ज मुक्ति होती है और अचानक धन लाभ मिलता है। 9 महीने में गर्भधारण की बाधा दूर हो जाती है।
  4. गरुड़ पुराण में कहा गया है कि निःसंतान दंपति देवदीपावली पर 108 दीप जलाएं, तो 1 साल में संतान प्राप्ति होती है। इससे कुलदीपक की प्राप्ति होती है।
  5. इससे दीर्घायु और निरोगी काया मिलती है। आयुर्वेद और ज्योतिष के अनुसार सरसों तेल का दीपक जलाने से राहु-केतु जनित रोग कैंसर, त्वचा दूर होते हैं। इससे 100 साल तक स्वस्थ जीवन मिलता है।
  6. अदृश्य शत्रु भी परास्त हो जाते हैं। शिव पुराण में वर्णित है कि त्रिपुरासुर की तरह शत्रु जलकर भस्म हो जाते हैं। इससे कोर्ट-कचहरी, पड़ोसी विवाद समाप्त हो जाते हैं।
  7. पितरों को तृप्ति मिलती है। गरुड़ पुराण के अनुसार बहता दीपक पितरों तक पहुंचता है, श्राद्ध का फल बिना श्राद्ध मिलता है। इससे पितृ कृपा से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
  8. विवाह बाधा दूर हो जाती है। लक्ष्मी पुराण में लिखा है कि कुमारी कन्या 11 दीप जलाए, 6 महीने में योग्य वर मिलता है। इससे मंगल दोष, कुंडली मिलान बाधा समाप्त हो जाती है।
  9. चंद्रमा की कृपा मिलती है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रोदय पर दीपदान से चंद्र मजबूत होता है, डिप्रेशन-अनिद्रा दूर हो जाती है। इससे नींद गहरी आती है और मन शांत रहता है।
  10. आंखों की रोशनी बढ़ती है। आयुर्वेद के अनुसार घी दीपक की लौ देखने से नेत्र रोग दूर होते हैं। इससे चश्मा उतारने की संभावना बढ़ जाती है।
  11. घर का वास्तु दोष मिटता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दीपक की ऊर्जा नकारात्मकता सोख लेती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह होता है।

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