Kaner plant Totke: सनातन धर्म में प्रकृति पूजा को महत्व दिया गया है। स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने इसका प्रमाण और महत्व बताते हुए गोवर्धन पर्वत को पूजनीय कहा था। जितने भी तीज त्योहार पड़ते हैं अधिकांश में किसी न किसी वृक्ष या पौधे की पूजा की जाती है या फिर सूर्य अथवा चंद्रमा का पूजन होता है। पेड़−पौधों को जितना पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया है, उतनी महत्ता वास्तु एवं अध्यात्म के लिए भी बतायी गयी है।
कनेर का पौध ग्रह और वास्तु दोष दूर करता है।
कनेर का पेड़ इसी श्रेणी में आता है। वास्तु और ग्रह दोष को दूर करने के लिए कनेर का पौधा अच्छा विकल्प है। कनेर का पेड़ हर जगह ही मिल जाता है। इसके पुष्पों को देखते हुए इसकी दो किस्में मिलती हैं। सफेद और लाल। इस वृक्ष के सभी अंगों में दूधियारस होता है और सभी अंग विषैले प्रभाव के होते हैं। इसके पत्तों को किसी भी तरह के पशु पक्षी नहीं खाते हैं। अपने इसी गुण के कारण ये आम लोगों के लिए बेहद गुणकारी है।
कनेर के पेड़ के उपाय
− चर्म रोगों में इसके पत्तों काे पानी में उबालकर स्नान करने से लाभ होता है।
− उपदंश में कनेर की जड़ को जल के साथ पीस या घिसकर लगाने से लाभ मिलता है।
−कुष्ठ रोग में इसकी ताजी जड़ को सरसों के तेल में उबाल कर, छानकर ठंडा होने पर लगाने से कुष्ट के घावों में लाभ होता है।
− इसके पत्ते पीसकर सर्प द्वारा दंशित जगह पर लगाने से विष का प्रभाव कम होता है।
−चूहे द्वारा काटे गए स्थान पर कनेर की सूखी जड़ को पीसकर लगाने से विष का प्रभाव दूर हो जाता है।
− इसके पुष्पों का अवलेह बना कर पानी के साथ अतिसार, कैंसर की गांठ पर लंबे समय तक लगाने से लाभ होता है।
−लाल कनेर की डाली को पुष्य नक्षत्र में गुरुवार के दिन प्रातः सूर्योदय पूर्व तोड़कर रख लें और सुखाकर उनके सात टुकड़ों पर शत्रुओं का नाम काली स्याही से लिखकर कपूर के साथ जलाने से शत्रुओं का शमन होता है।
− कनेर के पौधे की जड़ को नित्य जल से सींचने से मंगल दोष का शमन होता है।
− इसका वृक्ष घर में लगाएं तो शुभ प्रभाव देता है। इसे घर में पश्चिम दिशा या नैऋत्य कोण में लगाया जाना चाहिए।
− अश्विनी और अनुराधा नक्षत्र में जन्मे व्यक्तियों को कनेर का स्पर्श कराना ही सुखकारी होता है।
− मंगल ग्रह का यदि दोष हो तो उसका कुप्रभाव दूर करने से कनेर के पुष्प व पत्ते बिल्व की छाल, रक्तचंदन, माल कंगनी के पुष्पों को स्नान के जल में डालकर मंगलवार को स्नान करना चाहिए।
अपनी बगिया में लगाएं कनेर
ये कुछ कनेर के पेड़ के उपाय यदि आम जीवन में उतार लिये जाएं तो बहुत सी व्याधियों को हम स्वयं ही समाप्त कर सकते हैं। सबसे अच्छा रहेगा कि अपनी बगिया में ही कनेर के पौधाें को स्थान दें। इससे न सिर्फ वास्तु दोष दूर होगा, बल्कि घर में हरियाली रहने के साथ ही पॉजिटिव एनर्जी रहेगी।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
