Kamada Ekadashi Vrat Paran Time Today (कामदा एकादशी व्रत का पारण टाइम क्या है): हिंदू धर्म में कामदा एकादशी का विशेष महत्व है। यह एकादशी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आती है और इसे पापों से मुक्ति तथा मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली एकादशी माना जाता है। इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व है। जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है वह अपने सारे पापों से मुक्त होता है और उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साल 2026 में कामदा एकादशी का व्रत आज 29 मार्च को रखा जा रहा है। इसका पारण कब करना है, इसकी जानकारी आपको यहीं से मिलेगी। इसके अलावा यहां पारण करने की विधि भी बताई गई है।
कामदा एकादशी व्रत का पारण कब करना है
कामदा एकादशी का पारण कितने बजे होगा?
समय से पहले या देर से पारण नहीं करना चाहिए। पारण हमेशा द्वादशी तिथि के भीतर ही करें, देर करने से व्रत का पूरा फल नहीं मिलता कामदा एकादशी व्रत का पारण (व्रत तोड़ने का समय) 30 मार्च (सोमवार) को सुबह 06:14 से लेकर 07:09 के बीच करना सबसे शुभ और उत्तम रहेगा।
पारण तिथि: 30 मार्च 2026, सोमवार
पारण (व्रत तोड़ने का) समय: 06:14 से 07:09
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय: 07:09
अवधि: 55 मिनट (लगभग)
व्रत और पारण की सही विधि
एकादशी के दिन भक्त भगवान भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। दिनभर उपवास रखकर भजन-कीर्तन और ध्यान किया जाता है। द्वादशी के दिन पारण करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करें
तुलसी जल अर्पित करें
फल या सात्विक भोजन से व्रत खोलें
पहले ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराना शुभ माना जाता है
कामदा एकादशी पर करें इन मंत्रों का जप
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नारायणाय नमः
ॐ हूं विष्णवे नमः
ॐ नमो नारायण
श्री मन नारायण नारायण हरि हरि
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्
व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। पुराणों में बताया गया है कि इस व्रत के प्रभाव से श्राप से मुक्ति भी मिल सकती है। खासकर जो लोग मनोकामना पूर्ति या जीवन में शांति चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत बेहद फलदायी माना जाता है।
