कलियुग में भी मौजूद हैं हनुमान जी तो कहां है उनका निवास? जानें कलिकाल में पवन पुत्र का बसेरा

हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को चिरंजीवी कहा गया है। जिसका अर्थ है कि वह आज भी पृथ्वी पर मौजूद हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कलियुग में हनुमान जी का निवास कहां है? यदि आप नहीं जानते तो आज हम आपको इसकी पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

त्रेता युग में भगवान श्रीराम की सेवा में रहने वाले पवन पुत्र हनुमान कलियुग में भी जीवित हैं। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों और हिंदू धर्म की मान्यताओं में हनुमान जी को अजर-अमर देवता माना गया है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने उन्हें वरदान दिया था कि वे कलियुग में भी भक्तों के कल्याण के लिए धरती पर निवास करेंगे और राम नाम का कीर्तन करने वाले लोगों को दर्शन देंगे। क्या आप हनुमान जी के दर्शन करने की इच्छा मन में रखते हैं, तो पहले आपको उनके निवास स्थान के बारे में जान लेना चाहिए। जी हां आज हम आपको कलिकाल में हनुमान जी के निवास स्थान के बारे में बताएंगे।

कहां रहते हैं हनुमान जी (Photo - Canva)

कहां है हनुमान जी का निवास?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलियुग में हनुमान जी का निवास स्थान गंधमार्दन पर्वत पर है। महाभारत की कहानियों के मुताबिक भीम को भी हनुमान जी के दर्शन इसी पर्वत पर हुए थे। हालांकि त्रेता और द्वापर युग से जुड़े धार्मिक इतिहास में हनुमान जी के दर्शन का जिक्र है, लेकिन कलियुग में अभी इसका कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है।

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