Kailash Mandir Aurangabad: किसी अजूबे से कम नहीं है महाराष्ट्र का ये मंदिर, कैलाश पर्वत का कहा जाता है साकार रूप

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 31, 2022, 03:11 PM IST

Kailash Mandir Aurangabad: दुनिया में एक पहाड़ को काटकर बनाया गयी किसी भी इमारत में सबसे भव्य है कैलाश मंदिर। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में बनी अजंता एलाेरा की गुफाओं में बना है मंदिर। 18 वर्ष की अल्प अवधि में हो गया था मंदिर का निर्माण। वास्तुकला का है मंदिर बेजोड़ नमूना।

KEY HIGHLIGHTS
  • अजता एलोरा की गुफाओं में बना है कैलाश मंदिर
  • पारंपरिक पूजा से इतर होती है यहां ध्यान साधनाएं
  • 18 वर्ष में ही हो गया था अद्भुत मंदिर का निर्माण

Kailash Mandir Aurangabad: आदियोगी भगवान शिव के अगर आप भक्त हैं और उनके परमधाम कैलाश जाना चाहते हैं लेकिन परिस्थितियों के वश नहीं जा पा रहे हैं तो परेशान न हों। भारत में ही कैलाश महादेव का दूसरा प्रतिरूप भी स्थित है। जी हां, कैलाश महादेव। जिसे कैलाश मंदिर के नाम से जाना जाता है। माना जाता है कि ये मंदिर एक ही पर्वत को काटकर, विशेष रूप से उपर की ओर से नीचे की तरफ काटकर बनाया गया है। इस मंदिर की अद्भुदता इतनी है कि हर वर्ष लाखाें लोग यहां के दर्शन करने आते हैं। मंदिर की खास बात ये है कि इस मंदिर में किसी तरह की पारंपरिक पूजा आदि नहीं होती लेकिन मंदिर की उर्जा को आत्मसात किया जाता है ध्यान के द्वारा।

महाराष्ट्र का औरंगाबाद जिला। जहां बनी हैं अजंता एलोरा की गुफाएं। एलोरा गुफाओं की श्रंखला में बना है कैलाश मंदिर। ट्रेन से आप औरंगाबाद स्टेशन पहुंच सकते हैं। यहां से टैक्सी करके जैसे ही आप अजंता एलोरा पहुंचेंगे तो एक अलग ही उर्जा आपको अपनी ओर खींचेगी। गुफाएं तो संसार भर में प्रसिद्ध हैं लेकिन इन्हीें गुफाओं के मध्य बना कैलाश मंदिर आध्यात्मिक स्तर के कारण एक अलग ही पहचान रखता है। यूं तो मंदिर के पास बुद्ध और जैन मंदिर भी बने हैं लेकिन भगवान शिव का कैलाश मंदिर आपको एक विशेष अनुभव कराता है। हां विशेष, जिसे आप कहीं और नहीं पा सकते। ये मंदिर एक रथ के आकार का बना है। यहां पर बैठकर किया गया ध्यान कुंडिलिनी जागरण में महत्वपूर्ण होता है।

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