Kannada Hanuman Jayanti 2025 Date And Puja Vidhi: आज 3 दिसंबर 2025 दिन बुधवार है। इसके साथ ही मार्गशीर्ष माह के शुक्ल की त्रयोदशी तिथि है। इसके चलते आज कर्नाटक में हनुमान जयंती मनाई जाएगी। वहीं, तमिल में हनुमान जयंती मार्गशीर्ष माह की अमावस्या को पड़ेगी। इस कारण आज के दिन हनुमान जी का पूजन बेहद ही फलदायक रहेगा। वहीं, मार्गशीर्ष माह की अमावस्या पर तमिल में हनुमान जयंती मनाई जाएगी।
क्या है तमिल हनुमान जयंती की डेट?
उत्तर भारत में चैत्र माह की पूर्णिमा को भगवान हनुमान का जन्मदिन मनाया जाता है। वहीं, दक्षिण भारत में मार्गशीर्ष माह की त्रयोदशी और अमावस्या को मनाया जाता है। अब मार्गशीर्ष माह के शु्क्ल पक्ष की त्रयोदशी तो 3 दिसंबर को है, लेकिन मार्गशीर्ष माह की अमावस्या 19 दिसंबर को होगी।
दरअसल दक्षिण भारत में पहले शुक्ल पक्ष आता है और फिर कृष्ण पक्ष आता है। ऐसे में उत्तर भारत में पौष माह के कृष्ण पक्ष की जब अमावस्या होगी, तब वहां मार्गशीर्ष माह की अमावस्या तिथि होगी। दक्षिण भारत का कैलेंडर उत्तर भारत के कैलेंडर से 15 दिन पीछे रहता है।
तमिल कैलेंडर में मार्गशीर्ष माह की अमावस्या को हनुमान जयंती मनाते हैं और यह 2025 में 19 दिसंबर को पड़ रही है। इस दिन विशेष अभिषेक, वेनाई काप्पू और वडई माला चढ़ाई जाती है।
अलग-अलग तिथियों पर मनाई जाती है हनुमान जयंती
हनुमान जयंती साल में चार बार विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग तिथियों पर मनाई जाती है। उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा पर, आंध्र-तेलंगाना में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष दशमी पर, लेकिन दक्षिण में ये मार्गशीर्ष में मनाई जाती है।
हनुमान जयंती का क्या है महत्व?
हनुमान जी रामभक्त और संकटमोचन हैं। प्रभु का पूजन भय, नकारात्मक ऊर्जा और असफलता से मुक्ति दिलाता है।। कन्नड़ परंपरा में यह व्रत 'हनुमान व्रतम' कहलाता है, जो साहस, सफलता और बाधा निवारण के लिए रखा जाता है। आज के दिन हनुमान जी की उपासना से जीवन में स्थिरता आती है और हर काम आसान हो जाता है।
कन्नड़ हनुमान जयंती 2025 का पूजा मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 2 दिसंबर 2025 दोपहर 3:57 बजे शुरू होकर 3 दिसंबर दोपहर 12:25 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के चलते कन्नड़ हनुमान जयंती आज 3 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। सूर्योदय के समय हनुमान जी का जन्म माना जाता है, इसलिए सुबह की पूजा सबसे फलदायी है।
आज के दिन पर शुभमुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:09 से 6:04 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 5:37 से 6:58 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:55 से 2:37 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:21 से 5:49 बजे तक
सायाह्न संध्या: शाम 5:24 से 6:45 बजे तक
कन्नड़ हनुमान जयंती पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। घर के बाहर रंगोली बनाएं। शुभ मुहूर्त में हनुमान जी की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। सिंदूर, रोली, अक्षत, चंदन और फूल चढ़ाएं। माला अवश्य चढ़ाएं। धूप जलाकर हनुमान चालीसा और बजरंग बान का पाठ करें। हनुमान मंत्रों का जप करें। भोग में लड्डू, बेसन के लड्डू या फल चढ़ाएं। आरती करें और भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें। व्रत शाम तक रखें या फलाहार करें। इसके साथ ही
हनुमान जी के ॐ हं हनुमते नमः और ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा मंत्रों का जाप करें।
