शनि की चाल कितनी तरह की होती है? व्रकी, मार्गी और धीमी- कौन सी करती है ज्यादा परेशान?

Impact of Shani Gochar: शनि को न्यायाधीश कहा जाता है। वहीं, ज्योतिष में शनि को सबसे धीमा चलने वाला ग्रह माना गया है। इस कारण यह है कि शनि सबसे ज्यादा अधिक दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। शनि न्यायाधीश होने के कारण वे हर व्यक्ति के उसके कर्मों का फल प्रदान करते हैं। इसके शनि किसी व्यक्ति की कुंडली में कई प्रकार से प्रभावित करते हैं। शनि की यह चाल महादशा, ढैय्या और साढ़ेसाती कहलाती है।

Impact of Shani Gochar: शनि को ज्योतिष में सबसे धीमा, सबसे सख्त और सबसे निष्पक्ष ग्रह माना जाता है। इनको न्यायाधीश भी कहा जाता है। हालांकि शनि न तो जल्दबाजी में सजा देते हैं और न ही जल्दबाजी में इनाम देते हैं। शनि जब भी फल देते हैं, वो देर में और स्थिर होता है। अगर दुख दिया तो बहुत ज्यादा और अलग-अलग लेवल पर होगा। वहीं, सुख दिया तो बहुत ही अधिक राजा के समान और लंबे तक रहने वाला होगा। शनि के बारे में आपने सुना होगा कि वह वक्री हैं या कभी मार्गी के बारे में पढ़ा होगा। जैसे कि शनि 28 नवंबर 2025 को ही मार्गी हुए हैं। यहां पढ़ें शनि देव कितनी तरह की चाल चलते हैं और किस स्थिति में वह व्यक्ति को ज्यादा कष्ट देते हैं।

कितने प्रकार की होती है शनि की चाल

कितने प्रकार की होती है शनि की चाल

शनि देव कितनी की तरह की चाल

शनि देव पांच तरह की चाल चलते हैं। वक्री में वह उल्टी चाल चलते हैं तो मार्गी में उनकी चाल सीधी होती है। यहां पढ़ें इस बारे में विस्तार से:

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