Holika Dahan Ki Katha: होलिका दहन की कथा, यहां पढ़ें होलिका और प्रहलाद की कहानी

Holika Dahan Ki Katha (होलिका दहन की कथा इन हिंदी): आज होलिका दहन का शुभ दिन है और आज के दिन होलिका दहन की कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। इस कथा में होलिका और भक्त प्रहलाद से जुड़ी पौराणिक कहानी का वर्णन है। यहां से आप होलिका दहन की कथा देख सकते हैं।

Holika Dahan Ki Katha (होलिका दहन की कथा इन हिंदी): होलिका दहन की पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में हिरण्यकश्यप नाम का एक शक्तिशाली असुर था। उसने कठोर तपस्या करके ब्रह्माजी से ऐसा वरदान लिया था कि उसे न कोई मनुष्य मार सके, न कोई पशु। वह न घर के अंदर मरे, न बाहर, न दिन में, न रात में और न ही किसी अस्त्र-शस्त्र से उसकी मृत्यु हो सके। इस वरदान के कारण वह बहुत अहंकारी हो गया और खुद को भगवान कहने लगा। उसने अपने राज्य में भगवान विष्णु की पूजा पर रोक लगा दी।

होलिका दहन की कथा (pc: canva)

हिरण्यकश्यप का बेटा प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु का भक्त था। वह हर समय भगवान का नाम जपता रहता था। पिता ने उसे भक्ति से दूर करने के लिए कई कठोर प्रयास किए। उसे ज़हरीले साँपों के बीच डाला गया, हाथियों से कुचलवाने की कोशिश की गई, ऊँचे पर्वत से गिरवाया गया और समुद्र में भी फेंक दिया गया। लेकिन हर बार भगवान विष्णु ने अपने भक्त की रक्षा की।

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