हरियाली तीज की कहानी से पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, सामग्री लिस्ट, मंत्र, आरती तक सब कुछ
हरियाली तीज के मेहंदी डिजाइन फोटो
क्या प्रेग्नेंट महिलाएं कर सकती हैं हरियाली तीज का त्योहार?
हरियाली तीज आरती लिरिक्स, हिंदी में
ओम जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता।। जय पार्वती माता।।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता। जय पार्वती माता।।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा।
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।। जय पार्वती माता।।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता।।
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।।
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।। जय पार्वती माता।।
शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता।
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।। जय पार्वती माता।।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता।
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता। जय पार्वती माता।।
देवन अरज करत हम चित को लाता।
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।। जय पार्वती माता।।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता।
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।। जय पार्वती माता।।
हरियाली तीज की फोटो, Image, Pic
Hariyali Teej 2025: श्रावण शुक्लपक्ष तृतीया मुहूर्त
पंचांग के अनुसार इस साल श्रावण शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि 26 जुलाई 2025 को रात्रि 10:41 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 27 जुलाई 2025 को रात्रि 10:41 बजे ही समाप्त होगी।Hariyali Teej 2025: हरियाली तीज के उपाय
हिंदू मान्यता के अनुसार हरियाली तीज के दिन 16 श्रृंगार से जुड़ी चीजों का दान करने पर शुभ फलों की प्राप्ति होती है और व्रत करने वाली स्त्री के जीवन में सुख-सौभाग्य हमेशा बना रहता है।Hariyali Teej Importance: हरियाली तीज क्यों मनाई जाती है
पौराणिक मान्यता के अनुसार हरियाली तीज को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने कठिन तप किया था। जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने हरियाली तीज के पावन पर्व पर ही उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। कुछ ऐसे ही कामना लिए विवाहित स्त्रियां सुखी दांपत्य जीवन और और कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए हरियाली तीज का व्रत रखती हैं।Hariyali Teej Puja Vidhi: हरियाली तीज पूजा विधि
सुबह उठकर भगवान शंकर और माता पार्वती का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन व्रत करने के बाद शाम के समय 16 श्रृंगार करें और हरे रंग के वस्त्र धार्ण करें। इसके बाद पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें और एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। इस पर बगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।सबसे पहले भगवान श्रीगणेश का ध्यान करें और अपनी पूजा और व्रत को सफल करने की कामना करें। अब भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की सामग्री अर्पित करें और भोग लगाएं। माता पार्वती को सोलह शृंगार की सामग्री जरूर अर्पित करें। अंत में कथा का पाठ करें और सभी लोगों में प्रसाद बांटे।
Hariyali Teej Puja Samagri: हरियाली तीज पूजा सामग्री लिस्ट
पीला वस्त्र, नए वस्त्रबेलपत्र, धतूरा, शमी के पत्ते
कच्चा सूत
केले के पत्ते, आक का फूल
जटा वाला नारियल
कलश, पूजा की चौकी
सुपारी, अक्षत, दूर्वा घास, घी, कपूर
धूप, श्रीफल, जनेऊ, चंदन
गाय का दूध, गंगाजल, पंचामृत
पांच प्रकार के फल, मिठाई
माता पार्वती के लिए सोलह शृंगार की सामग्री
Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज का महत्व
हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता है। ऐसी मान्यता यह है कि इस दिन व्रत रखने से सुहागिन महिलाओं को उनके पति की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।Hariyali Teej 2025 Puja Muhurat :हरियाली तीज 2025 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05:30 मिनट तक रहने वाला हैप्रातः सन्ध्या सुबह 5 बजकर 08 मिनट से 6:14 मिनट तक रहेगा
निशिता मुहूर्त: रात्रि 12 बजकर 23 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा
सायाह्न सन्ध्या शाम 7 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 22 मिनट तक होगा
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:19 से 01:11 मिनट तक
रवि योग: शाम 04 बजकर 23 मिनट से पूरे दिन रहने वाला है
अमृत काल: दोपहर 1:56 से 3:34 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:55 से 3:48 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:16 से 7:38 मिनट तक
Hariyali Teej 2025 Puja Vidhi: हरियाली तीज पूजा विधि
इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर साफ-सफाई करके घर को तोरण और मंडप से सजाएं। एक चौकी पर मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, श्री गणेश, माँ पार्वती और उनकी सखियों की प्रतिमा का निर्माण करें। सभी देवी-देवताओं की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर सुहाग की सामग्रियों को एक थाली में सजाएं और माता पार्वती को अर्पित करें। मां पार्वती के साथ भगवान शिव को वस्त्र अर्पण करें। इसके बाद देवताओं का ध्यान करते हुए षोडशोपचार पूजन करें। पूजा में हरियाली तीज की कथा सुननी या पढ़नी चाहिए। इसके बाद शिव-पार्वती की आरती करें।मां पार्वती की करें पूजा
ॐ उमायै नम:ॐ पार्वत्यै नम:
ऊं जगद्धात्र्यै नम:
ॐ जगत्प्रतिष्ठयै नम:
ॐशांतिरूपिण्यै नम:
ॐ शिवायै नम:
ध्यान दें
आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05:30 मिनट तक रहने वाला है।तीज पूजा प्रसाद सामग्री
थाली (पूजन हेतु सजाई गई), जल पात्र (अर्घ्य देने के लिए), घंटी, आसन (पूजा बैठने हेतु), तीज व्रत कथा पुस्तिका या प्रिंटेड कथा, आरती की किताब या आरती की पर्चीहरियाली तीज पूजा प्रसाद सामग्री
फल (विशेष रूप से seasonal फल), मिठाई (घरेली या बाजार से लड्डू/पेड़ा आदि), गुड़ और घेवर (तीज पर विशेष प्रसाद), पान, सुपारी, लौंग, इलायचीहरियाली तीज की पूजा सामग्री लिस्ट
मिट्टी या धातु की शिव-पार्वती प्रतिमा / चित्र, शिवलिंग (यदि उपलब्ध हो), जल का कलश, कच्चा दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल (पंचामृत हेतु), सिंदूर / कुमकुम, पुष्प (फूल) और माला, अगरबत्ती / धूपबत्ती।इन सामनों की होती है जरूरत
हरी चूड़ियां,नथ, बिंदी, कमरबंद, पायल, बाजूबंद, वस्त्र, बिछिया, झुमके, अंगूठी, कंघा, काजल, मेहंदी, सोने के आभूषण, मांग टीका, काजल,सिंदुर, गजरा, मावे की बर्फी, घेवर, रसगुल्ला आदि भेजे जाते हैं।लंबी उम्र के लिए रखें व्रत
हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता है। ऐसी मान्यता यह है कि इस दिन व्रत रखने से सुहागिन महिलाओं को उनके पति की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।संकल्प लें व्रत का
व्रत करने से पहले सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें और भगवान शिव-पार्वती के समक्ष व्रत का संकल्प लें। संकल्प करते समय मन में निष्ठा और श्रद्धा रखें।हरियाली तीज की आरती
जय अंबे गौरी, मैया जय श्यामा गौरीतुमको निशिदिन सेवत, हरि ब्रह्मा शिव री।। जय अंबे गौरी...।।
चंद्र सी ज्योति तुम्हारी, जलकन सी सूरत।
शिवजी के साथ विराजो, हो पूरन मूरत।। जय अंबे गौरी...।।
सावन और तीज विशेष आरती
सावन आया, तीज संग लाया,मेहंदी, झूला और गीतों की माया।
गौरी शंकर को नमन करें,
सबका जीवन मंगलमय करें।
हरियाली तीज व्रत की विशेष आरती
तीज आई, हरियाली छाई,हर दिल में उमंग समाई।
शिव-पार्वती की पूजा करें,
हर नारी सुख-शांति पाए।
शिव- पार्वती फोटो
सिंजारा में क्या-क्या सामान होता है?
हरियाली तीज के सिंजारे में हरी चूड़ियां,नथ, बिंदी, कमरबंद, पायल, बाजूबंद, वस्त्र, बिछिया, झुमके, अंगूठी, कंघा, काजल, मेहंदी, सोने के आभूषण, मांग टीका, काजल,सिंदुर, गजरा, मावे की बर्फी, घेवर, रसगुल्ला आदि भेजे जाते हैं।हरियाली तीज के दिन सिंजारा क्यों आता है?
सिंजारा में मायके वाले बेटी के लिए सुहाग का सामान और मिठाई बेटी और उसके परिवार के लिए ससुराल भेजा जाता है। मान्यता है इससे सौभाग्य में वृद्धि होती है।क्या प्रेग्नेंट महिलाएं रख सकती हैं निर्जला व्रत?
गर्भावस्था के दौरान कठोर व्रत रखने से बचना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाएं निर्जला व्रत बिल्कुल भी न रखें, क्योंकि बिना पानी पिए रहना डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक है। अगर आप व्रत रखना चाहती हैं, तो फलाहार व्रत या सरल व्रत का विकल्प चुनें, जिसमें आप फल, दूध, दही, और जूस का सेवन कर सकती हैं। अपने शरीर की सुनें और अगर थोड़ी भी असहजता महसूस हो तो तुरंत व्रत तोड़ दें।हरियाली तीज 2025 शुभ मुहूर्त लिस्ट
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05:30 मिनट तक रहने वाला हैप्रातः सन्ध्या सुबह 5 बजकर 08 मिनट से 6:14 मिनट तक रहेगा
निशिता मुहूर्त: रात्रि 12 बजकर 23 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा
सायाह्न सन्ध्या शाम 7 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 22 मिनट तक होगा
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:19 से 01:11 मिनट तक
रवि योग: शाम 04 बजकर 23 मिनट से पूरे दिन रहने वाला है
अमृत काल: दोपहर 1:56 से 3:34 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:55 से 3:48 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:16 से 7:38 मिनट तक
हरियाली तीज क्यों रखते हैं
हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता है। ऐसी मान्यता यह है कि इस दिन व्रत रखने से सुहागिन महिलाओं को उनके पति की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज का दान
हरियाली तीज पर सुहागिनों को सिंदूर, चूड़ी, बिंदी जैसी 16 श्रृंगार की वस्तु दान करना चाहिए। इसके अलावा जरूरतमंद को वस्त्र, अन्न, धन, भेंट करें। अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। दांपत्य जीवन में खुशियां आती है।Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज पूजा विधि
हरियाली तीज की पूजा से पहले स्नान कर नए कपड़े पहन लें। साथ ही सोलह श्रृंगार जरूर करें। इसके बाद पूजा की तैयारी शुरू करें। इसके साथ ही साफ मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी की प्रतिमा या मूर्ति बना लें।इस दिन महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाती हैं और उनसे अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति की प्रार्थना करती हैं। इसके अलावा इस दिन भगवान शिव को महिलाएं भांग, बेल पत्र, श्वेत फूल, धतूरा, अक्षत्, गंध, धूप आदि चीजें अर्पित करती हैं। शाम में हरियाली तीज की कथा सुनी जाती है। पूजा के समय भगवान शिव और माता पार्वती के मंत्रों का जाप किया जाता है। फिर आरती उतारकर भोग लगाया जाता है। इस दिन पति अपनी पत्नी को झूला भी झुलाते हैं।Hariyali Teej 2025 LIVE:मां पार्वती के मंत्र (Maa Parvati Ke Mantra)
ॐ उमायै नम:ॐ पार्वत्यै नम:
ऊं जगद्धात्र्यै नम:
ॐ जगत्प्रतिष्ठयै नम:
ॐशांतिरूपिण्यै नम:
ॐ शिवायै नम:
Hariyali Teej 2025 Puja Muhurat LIVE: ब्रह्म मुहूर्त समय
आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05:30 मिनट तक रहने वाला है।Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज का महत्व
हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता है। ऐसी मान्यता यह है कि इस दिन व्रत रखने से सुहागिन महिलाओं को उनके पति की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Hariyali Teej 2025 LIVE:हरियाली तीज पर क्यों रखा जाता है खीरा
ज्योतिष शास्त्र में खीरा का संबंध चंद्रमा से बताया गया है। हरियाली तीज की पूजा में शिवशक्ति के साथ चंद्रमा पूजन का भी महत्व है। इसलिए पूजा के दौरान खीरा रखना अनिवार्य माना जाता है। हरियाली तीज की पूजा में खीरा को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा जाता है, जिससे कि चंद्रमा के शुभ फल से मन के विकार दूर हों, शुभता प्राप्त हो और व्रत में किसी तरह का दोष न रहे।Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज तिथि 2025
पंचांग के मुताबिक सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 26 जुलाई को रात 10 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 27 जुलाई को रात 10 बजकर 41 मिनट पर है।Hariyali Teej 2025 LIVE: Hariyali teej vrat katha
भगवान शिव माता पार्वती को पूर्वजन्म का स्मरण कराते हुए कहते हैं 'हे पार्वती तुमने मुझे पति के रूप में पाने के लिए हिमालय पर जल का त्याग कर सभी ऋतु का कष्ट सहकर बहुत कठिन तपस्या किया था। तुम्हारे पिताजी तुम्हें इस तरह से देख कर बहुत दुखी थे। एक दिन नारद जी भी तुम्हारे घर पधारे और तुमने उन्होंने तुम्हारे पिता से कहा कि मैं विष्णु जी के भेजने पर आया है। विष्णु जी आपकी कन्या की तपस्या से प्रसन्न है और वह उनके साथ विवाह करना चाहते हैं। नारद मुनि की बात सुनकर माता पार्वती के पिता पर्वतराज हिमालय अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने नारद जी का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया यानी वह अपनी पुत्री पार्वती का विवाह भगवान विष्णु के साथ करने के लिए तैयार हो गए। यह सुन बात नारद मुनि ने भगवान विष्णु के पास जाकर कहें। तब भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं,जब तुम्हारे पिता ने यह खबर तुम्हें सुनाईं,तो तुम्हें बहुत दुख हुआ। क्योंकि तुम मन ही मन मुझे अपना परमेश्वर मान चुकी थी। तब तुमने अपनी मन की पीड़ा अपनी एक सखी से कहीं। उस सखी ने तुम्हें एक घनघोर जंगल में रहने का सुझाव दिया। तुम उस जंगल में चली गई और उस जगह तुमने मुझे पाने के लिए कठोर तपस्या करना शुरू कर दिया। जब तुम्हारे पिता को तुम्हारे जाने की बात पता चलीं, तो वह बहुत दुखी हुए और तुम्हारी चिंता करने लगें। वह सोचनें लगें इस बीच यदि भगवान विष्णु बारात लेकर हमारे दरवाजे आएंगे,तो मैं क्या करूंगा। शिव जी ने माता पार्वती से कहा कि तुम्हारे पिता पर्वतराज हिमालय ने तुम्हारी खोज में धरती पताल एक कर दिया,लेकिन तू उन्हें कहीं नहीं मिलीं। क्योंकि तुम एक गुफा में रेत से शिवलिंग बनाकर मेरी आराधना करने में लीन हो चुकी थी। तुम्हारी इस कठोर तपस्या से मैं बहुत प्रसन्न हुआ और तुम्हारी मनोकामना पूरा करने के लिए तुम्हें दर्शन दिया। इस बीच तुम्हारे पिता भी तुम्हें ढूंढते उस गुफा में पहुंच गए। तब तुमने अपने पिता को सारी बात बताईं। तुम्हारे तुमने अपने पिता से कहा,कि मैं घर तभी चलूंगी जब आप मेरी मेरा विवाह शिवजी से कराएंगें। तब शिवजी ने माता पार्वती से कहे, तुम्हारी यह बात सुनकर तुम्हारे पिता मान गए और तुम्हारा विवाह मेरे से कराया। शिवजी कहें' हे पार्वती तुमने जो कठोर तप किया है उसी के फलस्वरूप तुम्हारा विवाह मेरे साथ हुआ है। इसलिए जो भी स्त्री इस व्रत को पूरी निष्ठा से करेगीं मैं उसे मनचाहा फल अवश्य दूंगा। इस व्रत को करने वाली हर स्त्री को अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होगा।Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज नियम
तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है। हरे रंग के वस्त्र पहनें। इस दिन कोशिश करें हरे रंग के कपड़ पहने, साथ ही मेंहदी जरुर लगाएं। मान्यता है ऐसा करने से भोलेनाथ और माता-पार्वती प्रसन्न होते हैं। सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज 2025 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05:30 मिनट तक रहने वाला है।प्रातः सन्ध्या सुबह 5 बजकर 08 मिनट से 6:14 मिनट तक रहेगा।
निशिता मुहूर्त: रात्रि 12 बजकर 23 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा।
सायाह्न सन्ध्या शाम 7 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 22 मिनट तक होगा।
Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज का दान
हरियाली तीज पर सुहागिनों को सिंदूर, चूड़ी, बिंदी जैसी 16 श्रृंगार की वस्तु दान करना चाहिए। इसके अलावा जरूरतमंद को वस्त्र, अन्न, धन, भेंट करें। अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। दांपत्य जीवन में खुशियां आती है।Hariyali Teej 2025 Puja Muhurat Timing LIVE: हरियाली तीज पर क्यों रखा जाता है खीरा
ज्योतिष शास्त्र में खीरा का संबंध चंद्रमा से बताया गया है। हरियाली तीज की पूजा में शिवशक्ति के साथ चंद्रमा पूजन का भी महत्व है। इसलिए पूजा के दौरान खीरा रखना अनिवार्य माना जाता है। हरियाली तीज की पूजा में खीरा को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा जाता है, जिससे कि चंद्रमा के शुभ फल से मन के विकार दूर हों, शुभता प्राप्त हो और व्रत में किसी तरह का दोष न रहे।Hariyali Teej 2025 Puja Muhurat Timing LIVE: हरियाली तीज कथा
भगवान शिव माता पार्वती को पूर्वजन्म का स्मरण कराते हुए कहते हैं 'हे पार्वती तुमने मुझे पति के रूप में पाने के लिए हिमालय पर जल का त्याग कर सभी ऋतु का कष्ट सहकर बहुत कठिन तपस्या किया था। तुम्हारे पिताजी तुम्हें इस तरह से देख कर बहुत दुखी थे। एक दिन नारद जी भी तुम्हारे घर पधारे और तुमने उन्होंने तुम्हारे पिता से कहा कि मैं विष्णु जी के भेजने पर आया है। विष्णु जी आपकी कन्या की तपस्या से प्रसन्न है और वह उनके साथ विवाह करना चाहते हैं। नारद मुनि की बात सुनकर माता पार्वती के पिता पर्वतराज हिमालय अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने नारद जी का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया यानी वह अपनी पुत्री पार्वती का विवाह भगवान विष्णु के साथ करने के लिए तैयार हो गए। यह सुन बात नारद मुनि ने भगवान विष्णु के पास जाकर कहें। तब भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं,जब तुम्हारे पि…Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज का महत्व
हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता है। ऐसी मान्यता यह है कि इस दिन व्रत रखने से सुहागिन महिलाओं को उनके पति की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।Hariyali Teej Puja Vidhi: हरियाली तीज पूजा विधि
इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर साफ-सफाई करके घर को तोरण और मंडप से सजाएं। एक चौकी पर मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, श्री गणेश, माँ पार्वती और उनकी सखियों की प्रतिमा का निर्माण करें। सभी देवी-देवताओं की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर सुहाग की सामग्रियों को एक थाली में सजाएं और माता पार्वती को अर्पित करें। मां पार्वती के साथ भगवान शिव को वस्त्र अर्पण करें। इसके बाद देवताओं का ध्यान करते हुए षोडशोपचार पूजन करें। पूजा में हरियाली तीज की कथा सुननी या पढ़नी चाहिए। इसके बाद शिव-पार्वती की आरती करें।Aaj Ka Panchang : शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन आज, पंचांग से जानिए मां ब्रह्मचारिणी के पूजन का क्या रहेगा समय
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