हरियाली तीज की कहानी से पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, सामग्री लिस्ट, मंत्र, आरती तक सब कुछ
हर वर्ष श्रावन मास के तृतीया तिथि पर मनाया जाता है हरियाली तीज का त्योहार। ये खास दिन आज ही है। हरियाली तीज की कहानी के अनुसार, हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था। इस दिन महिलाएं अपने पति के लंबी उम्र, स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। इस व्रत में न कुछ खाया जाता है और ना ही पिया जाता है। यहां से आप हरियाली तीज का व्रत कैसे रखें की जानकारी ले सकती हैं। साथ ही देखें हरियाली तीज पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री, पूजा की विधि, मंत्र, व्रत कथा और आरती आदि।
सावन के महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। हरियाली तीज का व्रत करने वाली महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती का वरदान मिलता है। इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती को विशेषकर घेवर, मालपुआ, खीर, पंचमेवा और हलवे का भोग (Hariyali Teej Bhog) लगाया जाता है। सावन की तीज के कई सारे नियम भी होते हैं। साथ ही इस व्रत में कुछ खास सावधानियां भी रखनी चाहिए। अगर आप हरियाली तीज का व्रत रख रही हैं तो आपको यहां से ही इससे जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी। यहां पर आप हरियाली तीज के पूजा का शुभ मुहूर्त, हरियाली तीज की पूजा सामग्री लिस्ट (Hariyali Teej Puja Samagri), हरियाली तीज पूजा की संपूर्ण विधि (Hariyali Teej Puja Vidhi), शिव-पार्वती मंत्र, हरियाली तीज व्रत कथा (Hariyali Teej Ki Kahani) और हरियाली तीज की आरती लिरिक्स (Hariyali Teej Aarti) यहां से देख सकते हैं।
हरियाली तीज के मेहंदी डिजाइन फोटो
क्या प्रेग्नेंट महिलाएं कर सकती हैं हरियाली तीज का त्योहार?
हरियाली तीज आरती लिरिक्स, हिंदी में
ओम जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता।। जय पार्वती माता।।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता। जय पार्वती माता।।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा।
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।। जय पार्वती माता।।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता।।
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।।
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।। जय पार्वती माता।।
शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता।
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।। जय पार्वती माता।।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता।
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता। जय पार्वती माता।।
देवन अरज करत हम चित को लाता।
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।। जय पार्वती माता।।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता।
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।। जय पार्वती माता।।
हरियाली तीज की फोटो, Image, Pic
Hariyali Teej 2025: श्रावण शुक्लपक्ष तृतीया मुहूर्त
Hariyali Teej 2025: हरियाली तीज के उपाय
Hariyali Teej Importance: हरियाली तीज क्यों मनाई जाती है
Hariyali Teej Puja Vidhi: हरियाली तीज पूजा विधि
सबसे पहले भगवान श्रीगणेश का ध्यान करें और अपनी पूजा और व्रत को सफल करने की कामना करें। अब भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की सामग्री अर्पित करें और भोग लगाएं। माता पार्वती को सोलह शृंगार की सामग्री जरूर अर्पित करें। अंत में कथा का पाठ करें और सभी लोगों में प्रसाद बांटे।
Hariyali Teej Puja Samagri: हरियाली तीज पूजा सामग्री लिस्ट
बेलपत्र, धतूरा, शमी के पत्ते
कच्चा सूत
केले के पत्ते, आक का फूल
जटा वाला नारियल
कलश, पूजा की चौकी
सुपारी, अक्षत, दूर्वा घास, घी, कपूर
धूप, श्रीफल, जनेऊ, चंदन
गाय का दूध, गंगाजल, पंचामृत
पांच प्रकार के फल, मिठाई
माता पार्वती के लिए सोलह शृंगार की सामग्री
Hariyali Teej 2025 LIVE: हरियाली तीज का महत्व
Hariyali Teej 2025 Puja Muhurat :हरियाली तीज 2025 शुभ मुहूर्त
प्रातः सन्ध्या सुबह 5 बजकर 08 मिनट से 6:14 मिनट तक रहेगा
निशिता मुहूर्त: रात्रि 12 बजकर 23 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा
सायाह्न सन्ध्या शाम 7 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 22 मिनट तक होगा
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:19 से 01:11 मिनट तक
रवि योग: शाम 04 बजकर 23 मिनट से पूरे दिन रहने वाला है
अमृत काल: दोपहर 1:56 से 3:34 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:55 से 3:48 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:16 से 7:38 मिनट तक
Hariyali Teej 2025 Puja Vidhi: हरियाली तीज पूजा विधि
मां पार्वती की करें पूजा
ॐ पार्वत्यै नम:
ऊं जगद्धात्र्यै नम:
ॐ जगत्प्रतिष्ठयै नम:
ॐशांतिरूपिण्यै नम:
ॐ शिवायै नम:
ध्यान दें
तीज पूजा प्रसाद सामग्री
हरियाली तीज पूजा प्रसाद सामग्री
हरियाली तीज की पूजा सामग्री लिस्ट
इन सामनों की होती है जरूरत
लंबी उम्र के लिए रखें व्रत
संकल्प लें व्रत का
हरियाली तीज की आरती
तुमको निशिदिन सेवत, हरि ब्रह्मा शिव री।। जय अंबे गौरी...।।
चंद्र सी ज्योति तुम्हारी, जलकन सी सूरत।
शिवजी के साथ विराजो, हो पूरन मूरत।। जय अंबे गौरी...।।
सावन और तीज विशेष आरती
मेहंदी, झूला और गीतों की माया।
गौरी शंकर को नमन करें,
सबका जीवन मंगलमय करें।
हरियाली तीज व्रत की विशेष आरती
हर दिल में उमंग समाई।
शिव-पार्वती की पूजा करें,
हर नारी सुख-शांति पाए।
