Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज पर क्यों किया जाता है सोलह श्रृंगार? जानिए क्या है इसका महत्व

Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज का व्रत हर साल सावन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन रखा जाता है। इस दिन विवाहित महिलाओं द्वारा सोलह सिंगार किया जाता है। आइए जानते हैं हरियाली तीज पर क्यों किया जाता है सोलह श्रृंगार।

Hariyali Teej 2024: सनातन धर्म में हरियाली तीज को बहुत ही खास माना गया है। ये व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घ आयु के लिए और परिवार के सुख, समृद्धि के निर्जला रहकर करती हैं। हरियाली तीज के दिन व्रती पूरे दिन भूखे, प्यासे रहकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। शाम के समय पूजा के बाद ही उपवास खोला जाता है। हरियाली तीज का व्रत सावन मास की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल हरियाली तीज का व्रत 7 अगस्त 2024 को बुधवार के दिन रखा जाएगा। ये व्रत मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए कुंवारी कन्याओं के द्वारा भी किया जाता है। हरियाली तीज के दिन सुहागिन महिलाओं द्वारा सोलह श्रृंगार किया जाता है। आइए जानें इस सोलह सिंगार का क्या महत्व।

क्यों किया जाता है सोलह श्रृंगार

हरियाली तीज के दिन सुहागिन स्त्रियां सुबह स्नान के बाद सोलह श्रृंगार करके तैयार हो जाती है। इस दिन हरे रंग की साड़ी और हरे रंग की चूड़ी खासतौर पर पहनी जाती है। हरियाली तीज पर माता पार्वती को सोलह सिंगार का सामान अर्पित किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि हरियाली तीज के दिन विवाहित महिलाओं द्वारा सोलह श्रृंगार करने से माता पार्वती प्रसन्न होती हैं। इस दिन श्रृंगार करने से माता पार्वती सुहागिन स्त्रियों को अखंड सौभाग्य का वरदान देती है। यदि आप सोलह श्रृंगार नहीं कर पा रही हैं तो हरे रंग की साड़ी, चूड़ी, बिंदी और सिंदूर जरूर लगाएं।

हरियाली सोलह श्रृंगार का महत्व

शास्त्रों में हरियाली तीज का खास महत्व है। इस दिन का व्रत रखने से और सोलह सिंगार करके पूजा करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है और परिवार में सुख, समृद्धि आती है। सोलह सिंगार करके पूजा करने से शिव और माता पार्वती की कृपा बनी रहती है। इस दिन पूरा सिंगार करने से वैवाहिक जीवन में भी मधुरता आती है और वैवाहिक जीवन मजबूत होता है।

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