Guru Purnima par guru ko kaise naman karein: हर साल की आषाढ़ पूर्णिमा की तिथि पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा का एक विशेष महत्व ये भी है कि ये महाभारत ग्रंथ की रचना करने वाले महर्षि वेद व्यास की जन्म तिथि भी है। इस वजह से कई जगहों पर इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। गुरु पूर्णिमाका पर्व गुरुओं की पूजा करने, उनको नमन करने और उनको सम्मान देने का है। यहां जानें इसके बारे में।
गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा कैसे करें (Pic: Canva)
गुरु को प्रणाम कैसे करें
गुरु पूर्णिमा पर गुरु का आशीर्वाद पाने का भारतीय परंपरा से जुड़ा तरीका है उनके चरण स्पर्श करना। इस दिन आप अपने गुरु से मिलें और उनके चरण जरूर छुएं।
गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा कैसे करें
गुरु के आगे दीप जलाएं। उनके चरणों में पुष्प अर्पित करें और गुरु स्तोत्र या फिर गुरु मंत्र का जाप करें। गुरु पूजा मंत्र इस प्रकार है :
गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः,
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।
अगर आप गुरु से प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिल पा रहे हैं तो गुरु की तस्वीर या उनके किसी प्रतीक की भी पूजा की जा सकती है। अगर आपके गुरु कहीं दूर हैं तो उनको शुभकामना संदेश भेजकर अपनी कृतज्ञता जरूर प्रकट करें।
गुरु पूर्णिमा पर गुरु को सम्मान कैसे दें
आपके गुरु के लिए सच्ची भक्ति और सच्चा सम्मान यही है कि आप उनकी दिखाई सही राह पर लें और उनकी सीख को जीवन में लागू करें।
