Guru Purnima Katha: गुरु पूर्णिमा क्यों मनाते हैं? पढ़ें गुरु पूर्णिमा व्रत की पौराणिक कथा यहां

Guru Purnima Katha (गुरु पूर्णिमा कथा): आज गुरु पूर्णिमा का खास त्योहार है। इस खास दिन ही महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। इस दिन का हिंदू धर्म में खास महत्व है। इस दिन के महत्व के बारे में जानने के लिए आपको इसकी पौराणिक कथा भी जरूर पढ़नी चाहिए।

Guru Purnima Katha (गुरु पूर्णिमा कथा): गुरु पूर्णिमा का दिन हिंदुओं के लिए बेहद खास होता है और ये खास दिन आज यानी 10 जुलाई को ही है। ये दिन इसलिए भी खास है क्योंकि आज ही सनातन धर्म के पहले गुरु वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। देशभर में हर साल इसे आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन वेदव्यास जी की पूजा करने के साथ-साथ अपने गुरुओं को भी सम्मान देना चाहिए। अपने मार्गदर्शक की सेवा के लिए ही तो ये दिन समर्पित है। अगर आप अभी भी गुरु पूर्णिमा के महत्व के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं तो यहां से गुरु पूर्णिमा की पौराणिक कथा और कहानी देख सकते हैं।

गुरु पूर्णिमा की व्रत कथा (Photo Source: Canva)

Guru Purnima Ki Kahani In Hindi-

गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास को समर्पित है। कहते हैं ये वही दिन है जिस दिन हिंदुओं के पहले गुरु वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। महर्षि वेदव्यास भगवान विष्णु के अंश के रूप में धरती पर आए थे। इनके पिता का नाम ऋषि पराशर था और माता का नाम सत्यवती था। वेदव्यास जी को बचपन से ही अध्यात्म में काफी रुचि थी। उन्होंने अपने माता-पिता से प्रभु दर्शन की इच्छा प्रकट की जिसके लिए उन्होंने वन में जाकर तपस्या करने की मांग की। लेकिन उनकी माता ने इस इच्छा को नहीं माना।

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