Gupt Navratri Katha: गुप्त नवरात्रि की कथा से जानिए इसका महत्व और इतिहास

Gupt Navratri Vrat Katha In Hindi: गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई से लेकर 16 जुलाई तक रहेगी। इस नवरात्रि में मां दुर्गा के 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। यहां जानिए गुप्त नवरात्रि की पौराणिक कथा।

Gupt Navratri Vrat Katha In Hindi (गुप्त नवरात्रि व्रत कथा): आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि इस साल 6 जुलाई से शुरू हो चुकी है। जहां आम नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है तो वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की साधना की जाती है। इसके अलावा ये नवरात्रि तांत्रिकों, शक्ति साधना से जुड़े लोगों के लिए भी विशेष मायने रखती है। ये गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड राज्यों में मनाई जाती है। यहां जानिए गुप्त नवरात्रि व्रत कथा।

गुप्त नवरात्रि व्रत कथा (Gupt Navratri Vrat Katha In Hindi)

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार ऋषि श्रृंगी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे थे कि तभी अचानक से भीड़ से एक स्त्री निकलकर सामने आई। उस स्त्री ने ऋषि श्रृंगी से कहा कि मेरे पति हमेशा गलत कामों से घिरे रहते हैं जिस वजह से मैं ना तो पूजा-पाठ कर पाती हूं और ना ही धर्म और भक्ति से जुड़ा कोई कार्य कर पाती हूं। लेकिन मैं मां दुर्गा की उपासना करना चाहती हूं। ऋषि श्रृंगी ने महिला से कहा कि चैत्र और शारदीय नवरात्रों को तो सभी लोग जानते हैं, लेकिन इसके अतिरिक्त 2 अन्य नवरात्रि भी होते हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रि के नाम से जाना जाता है।

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