Ganesh Chaturthi 2025 Do's And Don'ts (गणेश चतुर्थी पर क्या करें और क्या न करें): गणेश चतुर्थी हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन विघ्नहर्ता गणेश जी की आराधना और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस दिन लोग अपने घरों में मिट्टी की गणेश प्रतिमा की स्थापना कर, विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें मोदक, दूर्वा, और नारियल जैसे प्रिय भोग अर्पित करते हैं। यहां से आप जानें कि गणेश चतुर्थी पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। सारे नियम की जानकारी यहां दी गई है।
गणेश चतुर्थी पर क्या करें-
- गणेश चतुर्थी व्रत के दिन स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।
- व्रत के दौरान केवल सात्विक भोजन ही करें।
- गणेश चतुर्थी के व्रत में आप अपने आहार में फल, दूध, फलों का रस, दूध की खीर, आंवला और सिंघाड़ी शामिल कर सकते हैं।
- गणेश चतुर्थी व्रत का पालन विधि-विधान से करना चाहिए और पूजा के दौरान पौराणिक मंत्रों का जाप भी करना चाहिए।
- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत का पालन विधि-विधान से करने पर ही फलदायी होता है।
- यदि किसी कारणवश आपको व्रत तोड़ना पड़े, तो ध्यान रखें कि इसके लिए उद्यापन करना आवश्यक है।
- यदि आप बिना उद्यापन किए गणेश चतुर्थी का व्रत तोड़ते हैं, तो आपके पिछले व्रत भी निष्फल हो जाएंगे।
- घर में गणपति स्थापित करने से पहले घर की साफ़-सफ़ाई करें और उसे गंगाजल से शुद्ध करें।
- मिट्टी की गणेश प्रतिमा, फूल, धूप, दीप, फल, मिठाई और पूजा के लिए आवश्यक पारंपरिक पूजन सामग्री साथ लाएं।
गणेश चतुर्थी पर क्या न करें-
- व्रत के दौरान मांसाहारी भोजन जैसे तामसिक भोजन का सेवन न करें।
- गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन न करें। इस दिन चांद नहीं देखना चाहिए।
- इसके साथ ही शराब और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- ऐसा कोई भी काम न करें जिससे आपका ध्यान भटके।
- गणेश चतुर्थी व्रत के साथ-साथ पूरे गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश की नियमित पूजा की उपेक्षा न करें।
- पूजा के दौरान गंदे कपड़े पहनने से बचें। चावल, दाल और गेहूं से बने खाद्य पदार्थों से भी परहेज करें।
- व्रत के दौरान किसी से अपशब्द न बोलें।
- व्रत के दौरान अपने फायदे के लिए किसी को धोखा न दें।
- स्त्रियों का अपमान न करें।
गणेश चतुर्थी की खास बातें-
गणेश जी की पूजा के समय पीले कपड़े पहनना श्रेष्ठ होता है। गणेश जी के दर्शन हमेशा सामने से ही करने चाहिए, क्योंकि उनकी पीठ के पीछे दरिद्रता का वास माना जाता है। वहीं, गणेश जी को भूलकर भी तुलसी अर्पित नहीं की जाती है। अगर संभव हो तो गणेश चतुर्थी पर कलश की स्थापना भी जरूर करें।
