For Perfect Child: विलक्षण संतान यानि परफेक्ट चाइल्ड प्राप्त करना एक तपस्या है, जिसमें अनुशासित जीवन के साथ−साथ अपनी विचारधारा को भी अनुशासित और संयमित रखना होता है। गर्भावस्था के दौरान हर महीने विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। अगर शुरूआत से ही सब बातों का ध्यान रखें तो मां के गर्भ में ही जीनियस या विलक्षण संतान बन सकती है।
परफेक्ट चाइल्ड के लिए उपाय
महीने के अनुसार उनके गुण और उपाय
1. पहला महीना शुक्र का होता है। जिनका शुक्र खराब होता है उनका पहला महीना खराब होता है।
उपाय− नारियल, सौंफ, मिश्री का सेवन करें।
2. दूसरा महीना मंगल का होता है। जिस स्त्री का मंगल मजबूत होता है उसका बच्चा सौंदर्यशाली होता है।
उपाय− सुंदरकांड का पाठ करें या सुनें। मसालाें का प्रयोग कम करें। गुड़ का दान करें।
3. तीसरा महीना बृहस्पति का होता है। बृहस्पति मजबूत होने पर बच्चे के हाथ− पैर मजबूत होते हैं।
उपाय− साहित्य, विज्ञान सुनना या पढ़ना चाहिए। हल्दी का सेवन ना करें। चंदन केसर का तिलक लगाएं। गायत्री मंत्र का जप करें। गुरु के सानिध्य में रहें। किसी भी तरह से सत्संग द्वारा फोन से बात करके गुरु के सानिध्य में अवश्य रहें।
4. चौथा महीना सूर्य का होता है। आत्मा की उत्पत्ति का होता है। अगर मां का सूर्य अच्छा होगा तो संतान की सोच अच्छी और वाणी प्रभावी हाेती है। बच्चे का माथा ऊंचा, गठीला बदन, दिमाग तेज होगा। संतान को भविष्य में ऊंचा पद प्राप्त होगा। संतान गणित, दर्शन जैसे विषयों में पारंगत होगी।
उपाय− चौथे महीने से उगते सूर्य के सामने गायत्री मंत्र का जप करें। बाहर का खाना ना खाएं। तांबे के गिलास में पानी पिएं और कला का अभ्यास करें। गायत्री मंत्र का जप करें।
5. पांचवां महीना चंद्रमा का होता है। अगर मां का चंद्रमा अच्छा है तो बच्चा व्यायहारिक होगा, दिमाग तेज होगा। बच्चा सौंदर्यशाली और क्रिएटिव होगा। विज्ञान में अच्छा प्रदर्शन करेगा।
उपाय− वैज्ञानिक बातें करें और धार्मिक साहित्य पढ़ें। रामायण, गीता गुरुबानी आदि का पाठ करें। कनिष्ठा में चांदी का छल्ला पहनें, तांबें का नहीं। एक गिलास दूध में गाय का घी मिलाकर पिएं। ठंडी चीजों का सेवन ना करें। जूस ना पिएं बाकि फल खाएं।
6. छठा महीना शनि का होता है। यह खराब होने पर बच्चे की आंत व शरीर कमजोर होता है। तंबाकू का सेवन न करें।
उपाय− कुष्ठ रोगियों को दान करें, लोहे का छल्ला पहनें। चांदी को भी धारण करें। स्वर्ण का सामान न पहनें।
7. सातवां महीना बुध का होता है यह कमजोर होने पर बच्चे का दिमाग कमजोर होता है।
उपाय− सातवां महीना बुध का होता है यह कमजोर होने पर बच्चे का दिमाग कमजोर होता है। इसलिए इस माह गणपति पूजन के साथ साथ गौ माता को हरा चारा खिलाएं। साथ ही आध्यत्मिक पुस्तकों का अध्ययन करें।
8. आठवें महीने में इष्ट व मुख्य ग्रह अच्छे हैं तो बच्चा संतुलन बनाने में सफल रहता है।
उपाय− सूर्यास्त के बाद कुछ न खाएं। लोहे का छल्ला भी न पहनें।
9.नौवां महीना फिर से चंद्रमा का होता है। अगर यह अच्छा है तो बच्चा हर तरह से ठीक होगा।
उपाय− महामृत्युंजय या ऊं ब्रह्म का जप करें। सिर्फ चांदी का सामान ही पहनें।
ये रखें विशेष रूप से ध्यान
तीन महीने सात्विक भाेजन एवं सात्विक जीवन जिएं। प्राणायाम, अनुलोम विलोम, और कुम्भक क्रिया भी करा करें। गुस्सा न करें, पति− पत्नी साथ में नंगे पैर घास पर टहलें। तंबाकू, ड्रग्स या नींद की गोली का सेवन न करें। यह उपाय तब से ही शुरू कर दें जब शादी के बाद संतानोत्पत्ति की योजना शुरू करते हैं। संतान की उत्पत्ति होने से पहले सफेद, क्रीम या पीले रंग का पेंट कमरे में करवाएं।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
