How Many Diyas to Light on Diwali 2026 : आज, 8 नवंबर 2026 को देशभर में दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ घरों को दीपकों से रोशन किया जाता है। दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। हर साल लोगों के मन में एक सवाल रहता है कि आखिर दिवाली की रात कितने दीपक जलाने चाहिए? क्या 5 दीपक जलाना जरूरी है या फिर 11, 21, 51 और 101 दीपक जलाने से ज्यादा शुभ फल मिलता है?
दीपावली पर कितने दीपक जलाएं
धार्मिक मान्यताओं और अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं में दीपकों की संख्या को लेकर अलग-अलग मत हैं। हालांकि, दीपावली पर कितने दीपक जलाने हैं, इसकी कोई एक निश्चित संख्या सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। अपनी श्रद्धा, घर के आकार और सामर्थ्य के अनुसार 5, 7, 11, 21, 51 या 101 दीपक जला सकते हैं। पांच दीपकों से भी दीपावली की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ की जा सकती है। वहीं अधिक दीपक जलाकर पूरे घर को रोशन करना भी शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं दीपावली पर कितने दीये जलाने चाहिए, किस संख्या का क्या महत्व है और घर में किन जगहों पर दीपक जरूर जलाएं।
दीपावली पर कितने दीपक जलाना माना जाता है शुभ
दीपावली पर दीपक जलाने की कोई एक तय संख्या नहीं है। अलग-अलग परिवारों में अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार दीपक जलाए जाते हैं। हालांकि, सामान्य रूप से 5, 7, 11, 21, 51 और 101 दीपक जलाना शुभ माना जाता है। वहीं, दो बड़े दीपक माता लक्ष्मी और भगवान गणेश के सामने जलाने चाहिए। माता लक्ष्मी और गणेश जी के पास वाला दीपक पहले घी से जलाएं और रात भर जलते रहने के लिए आप तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। बाकी घर के सभी दीपकों को तेल से ही जलाना चाहिए। इसके साथ विषम संख्या में दीपक जलाने चाहिए। इसमें 13 को छोड़ देना उचित रहता है।
5 दीपक: पांच दीपकों को पंचतत्व यानी पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश का प्रतिनिधित्व करते हैं। घर में कम से कम पांच प्रमुख जगहों पर दीपक जलाकर दीपावली की पूजा की जा सकती है।
7 दीपक: सात दीपकों को शुभता और आध्यात्मिक संतुलन से जोड़ा जाता है। जो लोग सीमित संख्या में दीये जलाना चाहते हैं, वे सात दीपक जला सकते हैं।
11 दीपक: ग्यारह दीपक जलाना कई परिवारों की पूजा परंपरा का हिस्सा है। इसे शुभ और मंगलकारी संख्या माना जाता है।
21 दीपक: दीपावली पर 21 दीपक जलाना भी काफी लोकप्रिय है। पूजा स्थल, मुख्य द्वार, आंगन और घर के अलग-अलग हिस्सों में इन्हें रखा जा सकता है।
51 और 101 दीपक: बड़े घरों, मंदिरों और सामूहिक दीपदान में 51 या 101 दीपक जलाए जाते हैं। इससे पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठता है।
ध्यान रखें कि ये संख्याएं धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ी हैं। कम दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की पूजा अधूरी नहीं होती है।
दीपावली पर पांच दीपक कहां-कहां जलाएं
अगर आप दीपावली पर केवल पांच दीपक जलाना चाहते हैं तो घर की इन पांच जगहों को प्राथमिकता दें। 1. पूजा घर में पहला दीपक: सबसे पहले मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के समय दीपक जलाएं। पूजा स्थल पर घी का दीपक रखना शुभ माना जाता है। दीपक को ऐसी जगह रखें जहां पूजा के दौरान आसानी से दर्शन हो सकें।
मुख्य द्वार पर दूसरा दीपक: घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाएं। इससे घर का प्रवेश द्वार रोशन रहेगा। दरवाजे के दोनों ओर भी दीपक रख सकते हैं।
रसोई में तीसरा दीपक: रसोई को घर की खुशहाली और अन्न से जोड़कर देखा जाता है। दीपावली की शाम रसोई में सुरक्षित स्थान पर दीपक जलाएं।
तुलसी के पास चौथा दीपक: घर में तुलसी का पौधा है तो उसके पास दीपक जलाएं। तुलसी के पास दीपक रखने की परंपरा कार्तिक मास में विशेष रूप से प्रचलित है।
जल रखने के स्थान पर पांचवां दीपक: घर में जहां पीने का पानी रखा जाता है, उसके पास भी दीपक जला सकते हैं। इसे घर की सुख-समृद्धि और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा अपनी जगह और परंपरा के अनुसार आंगन, बालकनी, छत और आसपास के मंदिर में भी दीपक जला सकते हैं।
दीपावली पर मुख्य द्वार पर कितने दीपक जलाएं
दीपावली की रात घर के मुख्य द्वार को सजाने का विशेष महत्व है। मुख्य द्वार पर दीपक जलाना मां लक्ष्मी के स्वागत से जोड़ा जाता है। घर के दोनों ओर दो दीपक जरूर रख सकते हैं। मुख्य द्वार पर मिट्टी के दीपक जलाएं और उनके आसपास रंगोली बनाएं। दरवाजे पर शुभ चिह्न और फूलों की सजावट भी कर सकते हैं। ध्यान रखें कि दीपक ऐसी जगह रखें जहां हवा से वे बार-बार बुझें नहीं और आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो। अगर आपके पास पर्याप्त जगह है तो मुख्य द्वार के दोनों ओर 5, 7 या 11 दीपक की सजावट भी कर सकते हैं।
