December Second Pradosh Vrat 2025: भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित प्रदोष व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस व्रत को रखने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। माना जाता है कि यह व्रत बेहद प्रभावशाली है, जो भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे सरल माध्यम है।
साल 2025 के आखिरी महीने दिसंबर में दो प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। इसमें से पहला प्रदोष व्रत मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जा चुका है, जो 2 दिसंबर को थी। अब दूसरा प्रदोष व्रत पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाएगा। आइए जानते हैं कि दिसंबर 2025 में यह तिथि किस तारीख को पड़ेगी।
किस दिन रखा जाएगा दिसंबर 2025 का दूसरा प्रदोष व्रत
दिसंबर 2025 का दूसरा प्रदोष व्रत 17 दिसंबर को रखा जाएगा। दरअसल 16 दिसंबर 2025 की रात 11 बजकर 57 मिनट पर पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी और यह 18 दिसंबर की मध्यरात्र 2 बजकर 32 मिनट तक व्यापत रहेगी। ऐसे में त्रयोदशी तिथि में प्रदोष काल 17 दिसंबर को रहेगा।
इस कारण 17 दिसंबर को ही प्रदोष व्रत रखा जाएगा। 17 दिसंबर को दिन बुधवार पड़ रहा है। ऐसे में जिनकी कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में हैं, उन्हें यह व्रत जरूर रखना चाहिए। इस व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करना चाहिए।
17 दिसंबर प्रदोष व्रत पर पूजन का मुहूर्त
17 दिंसबर को शाम 6 बजकर 4 मिनट से रात 8 बजकर 41 मिनट तक प्रदोष व्रत का पूजन करना शुभ रहेगा। इसके साथ ही इस दिन भगवान शिव और पार्वती के साथ ही भगवान गणेश का भी पूजन करें। इससे बुध ग्रह का शुभ प्रभाव आपको देखने को मिलेगा।
बनेंगे ये शुभ योग
17 दिसंबर को प्रदोष काल में सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग देखने को मिलेगा। इस दिन शाम 5 बजकर 11 मिनट से 18 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 8 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। वहीं, इसी समय अमृत सिद्धि योग भी रहेगा। इस कारण दिसंबर 2025 का दूसरा प्रदोष व्रत बेहद ही शुभ रहेगा।
