Chaitra Navratri Vrat Katha: इस पावन कथा के बिना अधूरा है चैत्र नवरात्रि का व्रत, 9 दिनों तक रोज करें चैत्र नवरात्रि व्रत कथा का पाठ

Chaitra Navratri Vrat Katha (चैत्र नवरात्रि व्रत कथा): माता रानी के भक्त पूरे साल चैत्र नवरात्रि का इंतजार करते हैं। आज इसका व्रत का पहला दिन है। लेकिन आखिर चैत्र नवरात्रि क्यों मनाई जाती है और महिषासुर के वध की कहानी क्या है, ये आप यहां से जान सकते हैं।

Chaitra Navratri Vrat Katha (चैत्र नवरात्रि व्रत कथा): चैत्र नवरात्रि की पौराणिक कथा अनुसार ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त कर दैत्यराज महिषासुर ने नरक का विस्तार स्वर्ग तक कर लिया था। दानवों के बढ़ते दुराचार की वजह से देवी-देवता भी परेशान हो गए थे। एक समय ऐसा भी आया जब महिषासुर और उसकी सेना ने देवताओं के राजा इंद्र की सेना पर भी विजय प्राप्त कर ली थी और देवराज इंद्र के सिंहासन पर अपना हक जमा लिया था।

चैत्र नवरात्रि  की पौराणिक कथा (pc: canva)

महिषासुर के इस दुस्साहस के कारण भगवान शंकर और भगवान विष्णु को क्रोध आ गया और तब महिषासुर का अंत करने के लिए देवी शक्ति के जन्म पर विचार किया गया। सभी सभी देवी-देवताओं ने महिषासुर का वध करने के लिए अपने तेज से एक अत्यंत ही ताकतवर देवी को उत्पन्न किया।

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