Maa Durga Ke 108 Naam: नवरात्रि के पहले दिन जरूर करें मां दुर्गा के 108 नामों का जाप, देखें दुर्गा 108 नामावली स्त्रोत

Maa Durga 108 Names List (दुर्गा 108 नामावली स्त्रोत): नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। देवी मां की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। नवरात्रि में मां दुर्गा के 108 नामों और मंत्रों का जाप करना भी अत्यंत शुभ लाभकारी माना जाता है। यहां से आप माता रानी के 108 नामों की पूरी लिस्ट देख सकते हैं।

Maa Durga 108 Names List (दुर्गा 108 नामावली स्त्रोत): चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुकी है। आज पहला दिन है। नवरात्र के पूरे 9 दिनों में माता रानी के भक्त मां को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के जतन करते हैं। पूजा पाठ से लेकर कथा- आरती और निर्जला उपवास तक किया जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लोग व्यस्तता के चलते विधि-विधान के साथ पूजा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में वो मात्र दुर्गा मां के 108 नाम का जाप करें। ऐसा करने से मां प्रसन्न हो जाती हैं और व्यक्ति को सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं।

दुर्गा 108 नामावली स्त्रोत (pc: canva)

मां दुर्गा 108 नाम (Durga Ji Ke 108 Naam)-

1. सती

2. साध्वी

3. भवप्रीता

4. भवानी

5. भवमोचनी

6. आर्या

7. दुर्गा

8. जया

9. आद्य

10. त्रिनेत्र

11. शूलधारिणी

12. पिनाकधारिणी

13. चित्रा

14. चण्डघण्टा

15. सुधा

16. मन

17. बुद्धि

18. अहंकारा

19. चित्तरूपा

20. चिता

21. चिति

22. सर्वमन्त्रमयी

23. सत्ता

24. सत्यानंद स्वरूपिणी

25. अनन्ता

26. भाविनी

27. भाव्या

28. भव्या

29. अभव्या

30. सदागति

31. शाम्भवी

32. देवमाता

33. चिन्ता

34. रत्नप्रिया

35. सर्वविद्या

36. दक्षकन्या

37. दक्षयज्ञविनाशिनी

38. अपर्णा

39. अनेकवर्णा

40. पाटला

41. पाटलावती

42. पट्टाम्बरपरीधाना

43. कलामंजीरारंजिनी

44. अमेय

45. विक्रमा

46. क्रूरा

47. सुन्दरी

48. सुरसुन्दरी

49. वनदुर्गा

50. मातंगी

51. मातंगमुनिपूजिता

52. ब्राह्मी

53. माहेश्वरी

54. इंद्री

55. कौमारी

56. वैष्णवी

57. चामुण्डा

58. वाराही

59. लक्ष्मी

60. पुरुषाकृति

61. विमिलौत्त्कार्शिनी

62. ज्ञाना

63. क्रिया

64. नित्या

65. बुद्धिदा

66. बहुला

67. बहुलप्रेमा

68. सर्ववाहनवाहना

69. निशुम्भशुम्भहननी

70. महिषासुरमर्दिनि

71. मसुकैटभहंत्री

72. चण्डमुण्ड विनाशिनि

73. सर्वासुरविनाशा

74. सर्वदानवघातिनी

75. सर्वशास्त्रमयी

76. सत्या

77. सर्वास्त्रधारिणी

78. अनेकशस्त्रहस्ता

79. अनेकास्त्रधारिणी

80. कुमारी

81. एककन्या

82. कैशोरी

83. युवती

84. यति

85. अप्रौढा

86. प्रौढा

87. वृद्धमाता

88. बलप्रदा

89. महोदरी

90. मुक्तकेशी

91. घोररूपा

92. महाबला

93. अग्निज्वाला

94. रौद्रमुखी

95. कालरात्रि

96. तपस्विनी

97. नारायणी

98. भद्रकाली

99. विष्णुमाया

100. जलोदरी

101. शिवदूती

102. करली

103. अनन्ता

104. परमेश्वरी

105. कात्यायनी

106. सावित्री

107. प्रत्यक्षा

108.ब्रह्मवादिनी

दुर्गा 108 नामावली स्त्रोत का महत्व-

जब भक्त श्रद्धा से मां दुर्गा के 108 नामों का जाप करता है, तो मन शांत होता है और तनाव कम होता है। इस स्तोत्र के पाठ से घर और मन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मकता दूर होती है। ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों को हर प्रकार की परेशानी और डर से बचाती हैं। साथ ही सच्चे मन से किए गए जाप से इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। चैत्र नवरात्रि के 9 दिनों में 108 नामों का नियमित पाठ करने से व्यक्ति की आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है और भगवान के प्रति भक्ति गहरी होती है।

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