Surya Grahan 2022: 30 अप्रैल को था वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण, जानें क्या है ग्रहण का महत्व
Surya Grahan (Solar Eclipse) 2022 Date and Time in India: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जब चंद्रमा सूर्य और धरती के बीच में आ जाता है, जिसकी वजह से सूर्य की रोशनी धरती पर आने से रुक जाती है। वर्ष 2022 का पहला सूर्यग्रहण जल्द ही लगने वाला है। इस दौरान लोगों को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। यहां जानें वर्ष 2022 में पहले सूर्य ग्रहण की तिथि और समय समेत पूरी जानकारी।
Surya Grahan or Solar Eclipse April 2022 Date and Time in India: भारत में साल का पहला सूर्यग्रहण 30 अप्रैल को मध्यरात्रि से 12 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर सुबह 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। यह आंशिक सूर्यग्रहण है। चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए इस समय सूतक काल के नियम नहीं लागू किए जाएंगे।
ऐसा माना जाता है कि सूर्यग्रहण के दौरान लोगों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। माना जाता है कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस समय अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा इसीलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस सूर्य ग्रहण को दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्टिका में देखा जाएगा इस लाइव ब्लॉग के माध्यम से आप सूर्य ग्रहण से आधारित सभी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर सकते हैं।
जल्द लगेगा वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण बस लगने ही वाला है। सूर्य ग्रहण के दौरान लोगों को कुछ विशेष बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। यह सूर्य ग्रहण रात के 12:15 से सूबह 04:07 तक रहेगा।
धनु राशि के जातकों पर पड़ेगा ग्रहण का ऐसा प्रभाव
कहा जा रहा है कि सूर्य ग्रहण की वजह से धनु राशि के जातकों के लिए प्रशासन संबंधित काम बनेंगे। ग्रहण का प्रभाव इस राशि पर अच्छा रहेगा और लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे।
सूर्य ग्रहण के बाद करें ये काम
ग्रहण के दौरान हानिकारक किरणों का नकारात्मक प्रभाव घर पर रखी हर एक चीज पर पड़ता है। सभी चीजों की सफाई करना तो संभव नहीं है। इसलिए ग्रहण खत्म होती है घर के सभी कोने और चीजों पर गंगाजल छिड़कर शुद्धिकरण करना चाहिए।
सूर्य ग्रहण के दिन अवश्य करें यह दो काम
सूर्य ग्रहण के दौरान लोगों को अपने इष्ट देव या किसी भी देवी-देवता का स्मरण करना चाहिए। इसके साथ सूर्य ग्रहण के दिन पवित्र नदी में स्नान करना लाभकारी माना गया है। कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के बाद जरूरतमंदों को दान जरूर देना चाहिए।
अमावस्या के दिन लग रहा है सूर्य ग्रहण
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 30 अप्रैल को लग रहा है। शनिश्चरी अमावस्या के दिन वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है।
Surya Grahan 2022: ग्रहण के दौरान करें आदित्य हृदय स्तोत्रम का पाठ
ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम् ॥॥
दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् । उपगम्याब्रवीद् राममगस्त्यो भगवांस्तदा ॥॥
राम राम महाबाहो श्रृणु गुह्मं सनातनम् । येन सर्वानरीन् वत्स समरे विजयिष्यसे ॥॥
आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम् । जयावहं जपं नित्यमक्षयं परमं शिवम् ॥॥
सर्वमंगलमागल्यं सर्वपापप्रणाशनम् । चिन्ताशोकप्रशमनमायुर्वर्धनमुत्तमम् ॥॥
रश्मिमन्तं समुद्यन्तं देवासुरनमस्कृतम् । पुजयस्व विवस्वन्तं भास्करं भुवनेश्वरम् ॥॥
सर्वदेवात्मको ह्येष तेजस्वी रश्मिभावन: । एष देवासुरगणांल्लोकान् पाति गभस्तिभि: ॥॥
एष ब्रह्मा च विष्णुश्च शिव: स्कन्द: प्रजापति: । महेन्द्रो धनद: कालो यम: सोमो ह्यापां पतिः ॥॥
पितरो वसव: साध्या अश्विनौ मरुतो मनु: । वायुर्वहिन: प्रजा प्राण ऋतुकर्ता प्रभाकर: ॥॥
आदित्य: सविता सूर्य: खग: पूषा गभस्तिमान् । सुवर्णसदृशो भानुर्हिरण्यरेता दिवाकर: ॥॥
हरिदश्व: सहस्त्रार्चि: सप्तसप्तिर्मरीचिमान् । तिमिरोन्मथन: शम्भुस्त्वष्टा मार्तण्डकोंऽशुमान् ॥॥
हिरण्यगर्भ: शिशिरस्तपनोऽहस्करो रवि: । अग्निगर्भोऽदिते: पुत्रः शंखः शिशिरनाशन: ॥॥
व्योमनाथस्तमोभेदी ऋग्यजु:सामपारग: । घनवृष्टिरपां मित्रो विन्ध्यवीथीप्लवंगमः ॥॥
आतपी मण्डली मृत्यु: पिगंल: सर्वतापन:। कविर्विश्वो महातेजा: रक्त:सर्वभवोद् भव: ॥॥
नक्षत्रग्रहताराणामधिपो विश्वभावन: । तेजसामपि तेजस्वी द्वादशात्मन् नमोऽस्तु ते ॥॥
नम: पूर्वाय गिरये पश्चिमायाद्रये नम: । ज्योतिर्गणानां पतये दिनाधिपतये नम: ॥॥
जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नम: । नमो नम: सहस्त्रांशो आदित्याय नमो नम: ॥॥
नम उग्राय वीराय सारंगाय नमो नम: । नम: पद्मप्रबोधाय प्रचण्डाय नमोऽस्तु ते ॥॥
ब्रह्मेशानाच्युतेशाय सुरायादित्यवर्चसे । भास्वते सर्वभक्षाय रौद्राय वपुषे नम: ॥॥
तमोघ्नाय हिमघ्नाय शत्रुघ्नायामितात्मने । कृतघ्नघ्नाय देवाय ज्योतिषां पतये नम: ॥॥
तप्तचामीकराभाय हरये विश्वकर्मणे । नमस्तमोऽभिनिघ्नाय रुचये लोकसाक्षिणे ॥॥
नाशयत्येष वै भूतं तमेष सृजति प्रभु: । पायत्येष तपत्येष वर्षत्येष गभस्तिभि: ॥॥
एष सुप्तेषु जागर्ति भूतेषु परिनिष्ठित: । एष चैवाग्निहोत्रं च फलं चैवाग्निहोत्रिणाम् ॥॥
देवाश्च क्रतवश्चैव क्रतुनां फलमेव च । यानि कृत्यानि लोकेषु सर्वेषु परमं प्रभु: ॥॥
एनमापत्सु कृच्छ्रेषु कान्तारेषु भयेषु च । कीर्तयन् पुरुष: कश्चिन्नावसीदति राघव ॥॥
पूजयस्वैनमेकाग्रो देवदेवं जगप्ततिम् । एतत्त्रिगुणितं जप्त्वा युद्धेषु विजयिष्यसि ॥॥
अस्मिन् क्षणे महाबाहो रावणं त्वं जहिष्यसि । एवमुक्ता ततोऽगस्त्यो जगाम स यथागतम् ॥॥
एतच्छ्रुत्वा महातेजा नष्टशोकोऽभवत् तदा ॥ धारयामास सुप्रीतो राघव प्रयतात्मवान् ॥॥
आदित्यं प्रेक्ष्य जप्त्वेदं परं हर्षमवाप्तवान् । त्रिराचम्य शूचिर्भूत्वा धनुरादाय वीर्यवान् ॥॥
रावणं प्रेक्ष्य हृष्टात्मा जयार्थं समुपागतम् । सर्वयत्नेन महता वृतस्तस्य वधेऽभवत् ॥॥
अथ रविरवदन्निरीक्ष्य रामं मुदितमना: परमं प्रहृष्यमाण: । निशिचरपतिसंक्षयं विदित्वा सुरगणमध्यगतो वचस्त्वरेति ॥॥
।।संपूर्ण ।।
सिद्धि प्राप्त करने के लिए करें इस मंत्र का जाप
ॐ मां भयात् सर्वतो रक्ष, श्रियं वर्धय सर्वदा।
शरीरारोग्यं मे देहि, देव-देव नमोऽस्तु ते।।
धन लाभ के लिए मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये
प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:
ग्रहण काल में करें भगवान सूर्य की पूजा
मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल के दौरान भगवान सूर्य की उपासना जरूर करनी चाहिए। इस दौरान आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक स्तोत्र आदि सूर्य स्तोत्रों का पाठ भी करना चाहिए। जब सूर्य ग्रहण खत्म हो जाए तब लोगों को स्नान-दान जरूर करना चाहिए।
सूर्य ग्रहण के दौरान करें इस मंत्र का जाप
ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभ
जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा।।
कब लगेगा वर्ष 2022 का दूसरा सूर्य ग्रहण?
आज 23 अप्रैल को वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। वहीं, 25 अक्टूबर 2022 को वर्ष का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगेगा। यह सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को शाम 4:29 से 5:42 तक रहेगा।
इस राशि पर पड़ेगा सूर्य ग्रहण का प्रभाव
थोड़ी देर में सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण मेष राशि में लगेगा इसलिए इस राशि के जातक प्रभावित होंगे। कहा जा रहा है कि मेष राशि के जातकों के लिए यह सूर्य ग्रहण फलदाई है क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और धन लाभ भी हो सकता है। इसके साथ कार्यस्थल में भी मेष राशि के जातकों की तारीफ हो सकती है। व्यापारियों के लिए भी यह दिन लाभप्रद होगा।
सूर्य ग्रहण के प्रकोप से बचने के लिए करें यह उपाय
आज सूर्य ग्रहण लगने वाला है और इस दिन शनि अमावस्या भी है। ऐसे में सूर्यग्रहण के प्रकोप से बचने के लिए इस दिन शनि देव को पंचामृत स्नान करवाएं और तिल के तेल से उनका अभिषेक करें। इसके साथ शनि चालीसा का पाठ भी करें।
कैसे देखें सूर्य ग्रहण?
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 30 अप्रैल को लगने वाला है। लेकिन भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ऐसे में जो लोग यह सूर्य ग्रहण देखना चाहते हैं वह ऑनलाइन यूट्यूब पर देख सकते हैं।
क्या है सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व?
विज्ञान के अनुसार सूर्य ग्रहण महज एक खगोलीय घटना है। जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा अपनी धुरी पर घूमते हुए आ जाता है तब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर आने से रुक जाती हैं। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
क्या होता है सूतक काल
जब भी ग्रहण लगता है तब ग्रहण के शुरू होने से कुछ घंटे पहले सूतक काल लगता है। धार्मिक दृष्टिकोण से सूतक काल अशुभ माना गया है और इस दौरान शुभ कार्य या पूजा पाठ करना वर्जित होता। सूर्य ग्रहण से ठीक 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। दूसरी ओर चंद्रग्रहण के शुरू होने से 5 घंटे पहले सूतक काल लगता है।
यहां जानें सूर्य ग्रहण का समय
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 30 अप्रैल को आधी रात से शुरू होगा। यह 12:15 से 1 मई की सुबह 4:07 तक रहने वाला है।
इस राशि में लगेगा सूर्य ग्रहण
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण आज लगने वाला है। यह शनिश्चरी अमावस्या के दिन लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण मेष राशि और भरणी नक्षत्र में लगेगा। लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
कितने बजे से शुरू होगा ग्रहण?
आज अमावस्या है और इस दिन वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह आंशिक सूर्य ग्रहण आज यानी 30 अप्रैल की आधी रात से शुरू होगा और सुबह 4:07 तक रहेगा।
ग्रहण काल ना करें भोजन
नंगी आंखों से सूर्य ना देखें
ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को नंगी आंखों से सूर्य को देखने से बचना चाहिए ताकि वह सूर्य की किरणों से बची रहें और उनकी आंखों को नुकसान ना हो। यह भी कहा जाता है कि ऐसा करने से महिला के स्वास्थ्य और गर्भ पर बुरा असर पड़ता है।
घर से बाहर ना निकलें
ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिला घर पर रहने का प्रयास करें। ग्रहण काल के दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि आपकी और गर्भ में पल रहे शिशु की त्वचा पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। गर्भस्थ शिशु को ग्रहण की छाया से बचाना चाहिए।
नुकीली चीजों से रहें दूर
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिला को ग्रहण काल में नुकीली जी और काटने वाली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। चाकू, कैंची, पिन आदि चीजों का इस्तेमाल करना शिशु का नुकसान पहुंचा सकता है।
ग्रहण काल ना करें भोजन
गर्भवती महिलाओं को यह हिदायत दी जाती है कि ग्रहण काल में वह सिर्फ फलाहार का सेवन करें और भोजन से दूर रहें।
सूर्य ग्रहण मंत्र (Surya Grahan Mantra)
माना जाता है कि ग्रहण के खत्म होने के बाद भी कई दिनों तक इसका प्रभाव रहता है। ऐसे में इसके नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए ग्रहण के सूतक काल से ही मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए। ऐसे में गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप लाभप्रद बताया गया है। हालांकि मंत्र भी राशिनुसार बताए जाते हैं लेकिन गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र सभी के लिए बराबर फलदायी माने गए हैं।
बच्चों को अकेले ना छोड़ें
पुरानी मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां प्रबल हो जाती हैं। इसलिए इस समय छोटे बच्चों को ना ही अकेले छोड़ना चाहिए और ना घर के बाहर भेजना चाहिए। खासकर नवजात बच्चों को बिल्कुल भी अकेले ना छोड़े।
गर्भवती महिलाएं ना करें यह कार्य
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए। इसके साथ गर्भवती महिलाओं को सोने से बचना चाहिए। ग्रहण खत्म होने के बाद अशुभ प्रभावों से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं स्नान जरूर करें।
सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद करें इस मंत्र का जाप
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते,
अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
सूर्य ग्रहण के दौरान करें इस मंत्र का जाप
विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत
दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥
इसके साथ भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना भी लाभदायक है।
सूर्य ग्रहण के दौराण गर्भवती महिलाएं खा सकती हैं ये चीजें
ग्रहण के दौराण प्रेग्नेंट महिलाओं को अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अगर ग्रहण लंबा हो तो इस दौराण महिलाएं फलाहार ले सकती हैं। अपनी सेहत का ध्यान रखें, लंबे समय तक भूखा ना रहें।
सूर्य देव की उपासना से होगा लाभ
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव की उपासना और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान किए गए पाठ या मंत्र का फल कई गुणा बढ़ जाता है।
कहां-कहां दिखेगा यह सूर्य ग्रहण?
30 अप्रैल को लगने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा। यह भारत में नहीं नजर आएगा जिसकी वजह से सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्टिका में लोग इसे देख सकेंगे।
क्या होता है आंशिक सूर्य ग्रहण?
जब भी सूर्य ग्रहण लगता है तब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और पृथ्वी पर छाया डालता है। इस घटना की वजह से चंद्रमा सूर्य को पूरे या आंशिक रूप से ढकता है। आंशिक ग्रहण के समय, चंद्रमा सूर्य को सिर्फ थोड़ा ही ढक पाता है।
ग्रहण के दुष्प्रभाव से दिन करें ये उपाय
इस बार सूर्य ग्रहण के दिन शनिश्चरी अमावस्या भी पड़ रही है। शनि और सूर्य के इस दुर्लभ संयोग में कुछ उपाय करने से लाभ हो सकता है। जो लोग शनि की साढे साती और शनि की ढैय्या से परेशान हैं, वे सूर्य ग्रहण के दिन शनिदेव पर तेल चढ़ाएं।
आदित्य हृदय स्त्रोत का करें पाठ
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव की उपासना और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान किए गए पाठ या मंत्र का फल कई गुणा बढ़ जाता है।
सूर्य ग्रहण के प्रकार
वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रहण एक खगोलीय घटना है, ग्रहण के दौरान ब्रह्मांड में कई अद्भुत घटनाएं घटित होती हैं, वहीं धार्मिक ग्रंथों की बात करें तो ग्रहण में मनुष्य के साथ देवतागण भी संकट में होते हैं। जब चंद्रमा और सूर्य के बीच का अंतर शून्य होता है यानी जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और चंद्रमा की परछाई पृथ्वी पर पड़ती है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। वहीं जब चंद्रमा सूर्य को आंशिक रूप से ढकता है यानी जब सूर्य की कुछ रोशनी पृथ्वी पर आती है तो इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहते हैं, जब चंद्रमा सूर्य के मध्य भाग को ढकता है, इस स्थिति में सूर्य अंगूठी की तरह नजर आने लगता है तो इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते हैं।
भारत में क्यों दिखाई नहीं देगा सूर्य ग्रहण?
रिपोर्ट्स के मुताबिक ये आने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक ग्रहण होगा। ऐसे में ये भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी वजह से भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या ना करें?
कई चीजें ऐसी हैं जिन्हें सूर्य ग्रहण के समय करना वर्जित माना गया है। मान्यता है कि इन बातों का ध्यान नहीं रखने पर अशुभ फल की प्राप्ति होती है।
1. ऐसा माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के समय भोजन या फिर पानी का सेवन नहीं किया जाता है।
2. इस दौरान चाकू या धारदार चीजों का इस्तेमाल करना भी वर्जित माना गया है।
3. ग्रहण के दौरान नाखून काटना, बाल में कंघी करना और दातों की सफाई करना भी अशुभ माना जाता है।
4. इस दौरान मांगलिक कार्य करना भी वर्जित माना गया है। कहा जाता है शुभ कार्य करने से असफलता प्राप्त होती है।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?
सूर्य ग्रहण के दौरान कई बातों का ख्याल रखा जाना चाहिए। जानें ये जरूरी बातें
1. सूर्य ग्रहण के शुरू होने से पहले स्नान आदि करना शुभ माना गया है।
2. सूर्य ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देव या किसी भी देवी-देवता की पूजा अर्चना जरूर करें।
3. कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान दान करने का भी विशेष महत्व है। जब ग्रहण खत्म हो जाए तब घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
4. ग्रहण खत्म होने के बाद लोगों को जरूर नहाना चाहिए इससे शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
5. जब ग्रहण लगे तब खाने पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता रखें।
सूर्य ग्रहण को हमें नंगी आंखों से क्यों नहीं देखना चाहिए?
वैज्ञानिकों के मुताबिक सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। क्योंकि, ये आपके रेटिना को जला सकता है और उन इमेजेस को नुकसान पहुंचा सकता है जिन्हें आपका मस्तिष्क देखता है।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण
सूर्य ग्रहण के बाद 16 मई को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। वहीं, आंशिक सूर्य ग्रहण अक्टूबर और आंशिक चंद्र ग्रहण आठ नवंबर को होगा।
ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान क्यों करना चाहिए?
ग्रहण काल के समय आप जो कपड़े पहनते हैं वह अशुद्ध हो जाते हैं और इसलिए ग्रहण खत्म होते ही स्नान करना जरूरी होता है।
सूर्य ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद करें ये काम
सूर्य ग्रहण के दौरान तो कई चीजों का ख्याल रखना पड़ता है लेकिन इसके खत्म होने के बाद भी कई चीजों को ध्यान में रखना जरूरी है। जानें सूर्य ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद के वो काम जिन्हें जरूर करना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान हानिकारक किरणों का नकारात्मक प्रभाव घर पर रखी हर एक चीज पर पड़ता है। सभी चीजों की सफाई करना तो संभव नहीं है। इसलिए ग्रहण खत्म होती है घर के सभी कोने और चीजों पर गंगाजल छिड़कर शुद्धिकरण करना चाहिए।
- ग्रहण खत्म होते ही व्यक्ति को स्नान जरूर करना चाहिए। वैसे तो ग्रहण के बाद गंगा स्नान करने का विधान है। लेकिन अगर यह संभव नहीं हो तो आप नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं।
- सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद दान जरूर करें। इससे ग्रहण का प्रभाव खत्म हो जाता है। वैसे तो किसी भी चीज का दान किया जा सकता है। लेकिन तिल, चावल, पैसा, वस्त्र और चने की दाल का दान करना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
- सूर्य ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जिसका सबसे अधिक प्रभाव गर्भवती महिला पर पड़ता है। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद स्नान जरूर करना चाहिए।
कब है सूर्य ग्रहण?
भारत में साल का पहला सूर्यग्रहण 30 अप्रैल को मध्यरात्रि से 12 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर सुबह 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। यह आंशिक सूर्यग्रहण है। चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए इस समय सूतक काल के नियम नहीं लागू किए जाएंगे।
अमावस्या के दिन होती है तांत्रिक साधना
सूर्य ग्रहण के दिन आ रही अमावस्या में कई तांत्रिक उपासना होती है। त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए अमावस्या सर्वोत्तम तिथि है। आज माता काली जी की स्तुति करें।
श्री सुक्त का करें पाठ
सूर्य ग्रहण के दिन शनि अमावस्या का पावन व्रत है। भगवान विष्णु जी की उपासना के साथ माता लक्ष्मी जी की पूजा भी करें। आज श्री सूक्त के पाठ करने का बहुत सुंदर अवसर है। मंदिर में विष्णु जी का दर्शन करें।
इस कारण स्नान करना होता है जरूरी
ग्रहण काल के समय आप जो कपड़े पहनते हैं वह अशुद्ध हो जाता है। इसलिए ग्रहण खत्म होते ही स्नान करना जरूरी होता है।
आदित्य ह्रदय स्त्रोत का करें पाठ
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव की उपासना और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान किए गए पाठ या मंत्र का फल कई गुणा बढ़ जाता है।
नवग्रह मंत्र का जाप उपयोगी
सूर्य ग्रहण के दौरान नवग्रह मंत्र का जाप करना उपयोगी होता है। रुद्राक्ष की माला से 108 बार इस मंत्र का जाप करने से ग्रहों का प्रभाव कम होता है।
शनिदेव पर तेल चढ़ाएं
इस बार सूर्य ग्रहण के दिन शनिश्चरी अमावस्या भी पड़ रही है। शनि और सूर्य के इस दुर्लभ संयोग में कुछ उपाय करने से लाभ हो सकता है। जो लोग शनि की साढ़े साती और शनि की ढैय्या से परेशान हैं, वे सूर्य ग्रहण के दिन शनिदेव पर तेल चढ़ाएं।
ग्रहण काल में न पढ़ें गायत्री मंत्र
ग्रहण काल में अपने इष्ट देवता, मंत्र, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र आदि का जाप दीपक जला करना शुभ माना जाता हैं। हिंदू शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय या उसके मध्य समय में भोजन नहीं करना चाहिए।
देवी-देवताओं का नहीं करना चाहिए स्पर्श
हिंदू धर्म के अनुसार ग्रहण के समय में देवी-देवताओं को स्पर्श नहीं करना चाहिए। सूर्य ग्रहण के समय में कभी भी तुलसी के पेड़, शम्मी के पेड़ को स्पर्श करना नहीं चाहिए। ग्रहण के बाद उन सभी पौधों पर गंगाजल छिड़क कर उन्हें शुद्ध करना चाहिए।
सूर्योदय के समय चन्द्रमा मेष राशि में है
30 अप्रैल यानी शनिवार के दिन सूर्योदय के समय चन्द्रमा अश्वनी नक्षत्र व मेष राशि में है। गुरु मीन राशि में ही हैं। सूर्य व चन्द्रमा एकसाथ मेष में है। शेष ग्रह स्थितियां पूर्ववत हैं।
अक्टूबर में लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण
साल का दूसरा व अंतिम सूर्यग्रहण 25 अक्टूबर 2022 को लगेगा। 25 अक्टूबर को सूर्यग्रहण शाम 04 बजकर 29 मिनट से लेकर 05 बजकर 42 मिनट तक लगेगा।
इस नक्षत्र में लगेगा सूर्य ग्रहण
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण मेष राशि और भरणी नक्षत्र में लगेगा। जिसकी वजह से सूर्य ग्रहण का अधिक प्रभाव मेष राशि पर पड़ेगा।
घर में गंगाजल का छिड़काव करें
कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान दान करने का भी विशेष महत्व है। जब ग्रहण खत्म हो जाए तब घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?
1. सूर्य ग्रहण के शुरू होने से पहले स्नान आदि करना शुभ माना गया है।
2. सूर्य ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देव या किसी भी देवी-देवता की पूजा अर्चना जरूर करें।
Surya Grahan 2022: कब करें स्नान
सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल लगते ही स्नान करें। ग्रहण खत्म होने के बाद फिर से स्नान करें। इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव नहीं लगता।
सूर्य ग्रहण के दौरान करें नवग्रह मंत्र का जाप
सूर्य ग्रहण के दौरान नवग्रह मंत्र का जाप करना उपयोगी होता है। रुद्राक्ष की माला से 108 बार इस मंत्र का जाप करने से ग्रहों का प्रभाव कम होता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान ना खाएं खाना
ऐसा माना जाता है कि सूर्यग्रहण के दौरान लोगों को खाना नहीं खाना चाहिए। घर में अगर कोई गर्भवती महिला है तो वह फलाहार कर सकती है।
इन तीन राशियों पर पड़ेगा दुष्प्रभाव
सूर्य ग्रहण के दौरान मेष, सिंह और मकर राशि के जातकों को सावधान रहना चाहिए। इस वर्ष इन तीन राशि के जातकों को स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव की वजह से इन राशियों के जातकों के पारिवारिक जीवन में कलह हो सकती है।
Solar Eclipse 2022: लाभान्वित होंगी यह 3 राशियां
सूर्य ग्रहण के दिन तीन राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने वाला है। मिथुन, कन्या और कुंभ राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति सुधारने वाली है। इसके साथ इस दिन धन प्राप्ति भी होगी। स्वास्थ्य के अनुसार भी यह दिन इन राशि के जातकों के लिए लाभदायक माना जा रहा है।
सूर्य ग्रहण के दिन वृष राशि पर पड़ेगा ऐसा प्रभाव
सूर्य ग्रहण के दिन वृष राशि के जातक अपने स्वास्थ्य का ध्यान अवश्य रखें और किसी भी चीज को लेकर ज्यादा उत्साहित ना हों। धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी लेकिन क्रोध से बचें। इस दिन अधिक परिश्रम करेंगे।
कब लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण
वर्ष 2022 का दूसरा सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर 2022 को लगने वाला है। कहा जा रहा है कि इस दिन सूर्य ग्रहण शाम 4:29 से 5:42 तक रहेगा।
Solar Eclipse 2022: क्या होगा है सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। आपने पढ़ा होगा कि पृथ्वी अपनी धुरी पर सूर्य के चक्कर लगाती है। दूसरी ओर, चंद्रमा भी अपनी धुरी पर घूमते हुए पृथ्वी के चक्कर लगाता है। जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है तब सूर्य की रोशनी हम तक नहीं आ पाती है, इसी को सूर्य ग्रहण कहा गया है।
सूर्य ग्रहण पर बन रहे हैं कई खास संयोग
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को लगने वाला है। इस वर्ष सूर्य ग्रहण के दिन वट सावित्री और शनि जयंती के साथ-साथ अमावस्या भी है। ऐसे में भगवान विष्णु जी की पूजा करना और शनि देव के साथ वट पूजन करना भक्तों के लिए लाभदायक माना जा रहा है।
यहां देखें लाइव सूर्य ग्रहण
कहां-कहां दिखेगा आंशिक सूर्य ग्रहण?
इस वर्ष आंशिक सूर्य ग्रहण अंटार्टिका, अटलांटिक क्षेत्र, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं देखा जाएगा। जिसकी वजह से धार्मिक प्रभाव और सूतक काल को नहीं माना जाएगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान ना छूएं में देवी-देवताओं की मूर्ति
ऐसा माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान देवी-देवताओं को स्पर्श नहीं करना चाहिए। इस दौरान तुलसी के पेड़ और शमी के पेड़ को भी नहीं छूना चाहिए। सूर्य ग्रहण के दौरान इन पौधों पर गंगाजल जरूर छिड़कें।
Surya Grahan 2022: क्या भारत में दिखेगा यह सूर्य ग्रहण?
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण आंशिक होने वाला है। इस वर्ष भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं देखा जाएगा। जिसकी वजह से सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
Surya Grahan 2022 Time: क्या है सूर्य ग्रहण का समय?
30 अप्रैल को वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को मध्य रात्रि 12:15 से शुरू होगा और सुबह 4:07 पर समाप्त हो जाएगा।
Surya Grahan 2022: कब लग रहा है वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण?
वर्ष 2022 का पहला सूर्यग्रहण इस वर्ष 30 अप्रैल को लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण आंशिक होगा जो भारत में नजर नहीं आएगा।

