Bihar Election Result 2025: आज बिहार के भविष्य का फैसला होने जा रहा है। बीते 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुका है और आज 14 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे। 243 सीटों वाली इस विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। साल 2020 के चुनावों में एनडीए ने 125 सीटें हासिल कर सत्ता कायम रखी थी, जिसमें भाजपा को 74 और जदयू को 43 सीटें मिलीं, जबकि महागठबंधन को 110 पर संतोष करना पड़ा था।
हालांकि इस बार पूर्व रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी मैदान में उतरी है, जो एनडीए का खेल बिगाड़ने की संभावना है। हालांकि इन सभी के बाद भी एनडीए काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी। ज्योतिषीय दृष्टि से प्रमुख नेताओं की जन्म कुंडलियों में रोचक संकेत उभर रहे हैं। जहां, चिराग पासवान को संतोषजनक सफलता, नीतीश कुमार कोई चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं। आइए जानते हैं कि बिहार के भविष्य के लिए क्या कहता है ज्योतिषीय विश्लेषण। नोट करें कि यह लेख सिर्फ ज्योतिष के आधार पर लिखा गया है और टाइम्स नाउ नवभारत चुनाव के फाइनल रिजल्ट से पहले किसी भी पार्टी की सरकार बनने का दावा नहीं कर रहा है।
वोट काटने का काम करेगी जन सुराज
प्रशांत किशोर ने 2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयंती पर पटना में शाम 4 बजकर 5 मिनट पर जन सुराज पार्टी का ऐलान किया। यह तारीख राष्ट्रपिता की जयंती होने से प्रतीकात्मक रूप से शुभ थी, लेकिन ज्योतिषीय गणना से यह दिन सूर्य ग्रहण वाली अमावस्या था। भारत में दृश्य न होने पर भी गोचर प्रभाव से सूर्य और चंद्रमा केतु से पीड़ित थे, जो बड़े कार्य के लिए अशुभ माना जाता है।
कुंभ लग्न वाली पार्टी की कुंडली में अष्टम भाव (बाधा-पीड़ा) में सूर्य, बुध, चंद्रमा और केतु की युति असफलता का मजबूत योग बनाती है। लेकिन चतुर्थ भाव से गुरु की दृष्टि इस योग को कुछ हद तक संतुलित करती है, लेकिन फिर भी इस पार्टी का खाता खुलना भी बेहद कठिन लग रहा है।मुख्य भूमिका एनडीए के वोट काटने में होगी। कई सीटों पर यह पार्टी सत्ताधारी गठबंधन का खेल बिगाड़ सकती है
क्या कहती है चिराग पासवान की कुंडली?
राम विलास पासवान के पुत्र और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (जन्म: 31 जनवरी 1982, दोपहर 12 बजकर 15 मिनट, मधुबनी) की कुंडली में चंद्रमा मीन राशि में केमद्रुम योग बना रहा है। चंद्रमा के साथ या उसके एक घर आगे-पीछे सूर्य को छोड़कर कोई ग्रह न होने से यह योग बनता है, जो पारिवारिक और राजनीतिक विरासत में बाधा डालता है। इसी योग के चलते चंद्रमा महादशा में चाचा पशुपति कुमार पारस से विरासत की लड़ाई हुई।
वर्तमान चंद्रमा-बुध विंशोत्तरी दशा में 29 सीटों पर एनडीए के साथ लड़ रहे चिराग को संतोषजनक परिणाम मिलने के संकेत हैं। लेकिन चंद्रमा-बुध के 6/8 षडाष्टक संबंध से कुछ सीटों पर भीतरघात की आशंका है, जो अप्रत्याशित हानि दे सकता है। कुल मिलाकर, 2020 की एक सीट से उबरकर चिराग किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे, एनडीए को मजबूती देंगे।
चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं नीतीश कुमार
बिहार के लंबे समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (जन्म: 1 मार्च 1951, दोपहर 1 बजकर 20 मिनट, बख्तियारपुर) की मिथुन लग्न कुंडली में भाग्य भाव में राहु, कर्मेश गुरु, लग्नेश बुध और तृतीयेश सूर्य की युति शानदार राजयोग बना रही है। राहु का इसमें शामिल होना उन्हें गठबंधन राजनीति का माहिर खिलाड़ी बनाता है, जो विरोधियों को चातुर्य से चौंका देता है। वृश्चिक में नीच का चंद्रमा छठे भाव में विरोधियों को कमजोर करता है।
2013 से नीतीश कई बार पाला बदल चुके हैं। इसमें लालू से भाजपा, फिर वापस हुए।
2024 में लोकसभा से पहले महागठबंधन छोड़ भाजपा से हाथ मिलाया, जदयू ने 16 में से 12 सीटें जीतीं। राहु महादशा में शुक्र (पंचमेश) अंतरदशा और बुध प्रत्यंतर में चल रहे नीतीश की पार्टी 101 सीटों पर लड़ी। सहयोगी भाजपा की कुंडली (6 अप्रैल 1980, सुबह 11 बजकर 45 मिनट, दिल्ली) भी मिथुन लग्न वाली है, लेकिन चंद्रमा वृश्चिक में और चंद्रमा-केतु दशा से बिहार में शानदार प्रदर्शन के संकेत हैं। नतीजों के बाद राहु-शुक्र में नीतीश अपने बेटे निशांत कुमार को पार्टी में आगे ला सकते हैं या वे खुद भी मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल सकते हैं। हालांकि जदयू का प्रदर्शन अच्छा रहेगा और वे कोई चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं।
तेजस्वी यादव को मिल सकता है विपक्ष में बड़ा पद
लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव (जन्म: 9 नवंबर 1988, सुबह 1 बजकर 30 मिनट, पटना) की सिंह लग्न कुंडली में दशम भाव में पंचमेश गुरु दशमेश शुक्र को देख रहे हैं, जो दूसरे भाव में नीच राशि में हैं। नीच दशमेश (राजसत्ता) और तृतीयेश शुक्र पर गुरु के साथ-साथ अष्टम भाव में योगकारक मंगल (चतुर्थेश-नवमेश) की दृष्टि से 2015 में कम उम्र में उपमुख्यमंत्री बने, लेकिन ज्यादा समय न टिक सके।
वर्तमान शनि महादशा (पंचम भाव में) में अष्टम भाव के योगकारक मंगल की अंतरदशा चल रही है। मंगल दशमांश में उच्च राशि में हैं, जो बड़ा पद दिलाने का मजबूत संकेत देते हैं। सहयोगी कांग्रेस की कुंडली (2 जनवरी 1978, दोपहर 12 बजे, दिल्ली) में मीन लग्न और लाभ भाव के अधिपति शनि छठे भाव में शुभ हैं। इन सभी के बाद भी तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनने की संभावना बेहद ही कम है। हो सकता है कि उन्हें विपक्ष नेता की भूमिका में रहकर संतुष्ट होना पड़े।
ग्रहों का संकेत है सत्ता की मजबूती
जन्म कुंडलियों से साफ झलकता है कि चुनाव नतीजे रोचक होंगे। जन सुराज एनडीए को कमजोर करेगी, चिराग किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि नीतीश चौंकाएंगे और तेजस्वी का मंगल योग विपक्ष में बड़ा पद दिला सकता है। भाजपा और जदयू का प्रदर्शन पिछली बार से ज्यादा मजबूत होने की संभावना है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पब्लिक डोमेन में उपस्थित जानकारी से बनाई गई कुंडलियों पर आधारित है। प्रबल संभावना है कि कुंडलियों की जानकारी अस्पष्ट हो। यह जानकारी केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है और ना ही किसी की सरकार बनने का दावा करता है।
