बसंत पंचमी पर किस दिशा में करें सरस्वती पूजा? जानिए सही दिशा, पूजन का तरीका आदि सबकुछ

Basant Panchami Saraswati Puja Direction 2026: 23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व माता सरस्वती को समर्पित है। इस दिन माता सरस्वती का पूजन करने से जीवन में सफलता प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि माता सरस्वती का पूजन किस दिशा में और कैसे करने शुभ रहेगा।

Basant Panchami Saraswati Puja Direction 2026: 23 जनवरी 2026, दिन शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन माता सरस्वती की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि इसी दिन माता सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इस कारण बसंत पंचमी की पूजा बेहद खास होती है, लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि सरस्वती पूजा किस दिशा में करनी चाहिए, ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके। शास्त्रों के अनुसार पूजा की दिशा का सही होना बहुत जरूरी माना गया है।

सरस्वती पूजा किस दिशा में करें

सरस्वती पूजा किस दिशा में करें

बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा किस दिशा में करनी चाहिए?

बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा के लिए उत्तर दिशा और पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा को ज्ञान, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की दिशा कहा जाता है, इसलिए इस दिशा में बैठकर सरस्वती पूजा करने से पढ़ाई, लेखन और कला से जुड़े कार्यों में लाभ मिलता है। वहीं पूर्व दिशा सूर्य की दिशा मानी जाती है, जो नई शुरुआत और बौद्धिक विकास का प्रतीक है। पूजा करते समय चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें और माता सरस्वती की प्रतिमा या चित्र भी उसी दिशा में स्थापित करें।

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