Secrets of Banke Bihari Temple: बांके बिहारी मंदिर के दस रहस्य, पढ़ेंगे तो रह जाएंगे हैरान

मथुरा से दस किमी की दूरी पर है वृंदावन। वृंदावन की संकरी गली में स्थित है ठाकुर बांके बिहारी मंदिर। वृंदावन के सप्त देवालयों की सूची में सबसे प्रसिद्ध है बांके बिहारी जी का मंदिर। देश विदेश से प्रतिदिन हजाराें भक्त यहां आते हैं। यहां मंगला आरती वर्ष में सिर्फ एक ही बार होती है ।

KEY HIGHLIGHTS
  • रहस्यों से भरा है ठाकुर बांके बिहारी मंदिर
  • मंगला आरती होती है वर्ष में सिर्फ एक बार
  • चरणाें के भी होते हैं साल में एक ही बार दर्शन

Vrindavan Banke Bihari Temple: ब्रजधाम निराला और निराला ब्रजधाम को बसाने वाला। ब्रज क्षेत्र यानी उत्तर प्रदेश का मथुरा जिला और उसके आसपास का क्षेत्र। दुनिया जिसे श्रीकृष्ण भगवान के रूप में पूजती है उन्हीं श्रीकृष्ण को कान्हा, लल्ला के रूप में पूजने वाला क्षेत्र। श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा से महज दस किमी की दूरी पर बसा है वृंदावन। जिसे कान्हा की क्रीड़ा स्थली के रूप में जाना जाता है। वृंदावन की पहचान देश दुनिया में बांके बिहारी मंदिर के नाम से भी है।

Vrindavan Banke Bihari Temple

ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के अद्भुत हैं ये रहस्य।

जैसे ठाकुर बिहारी जी बांके हैं, वैसे ही उनका ये मंदिर भी बांका ही है। यदि आप सनातन धर्म के अनुयायी हैं तो बांके बिहारी मंदिर के दर्शन करने कम से कम एक बार जरूर गए होंगे। यदि नहीं तो इस खबर को पढ़ने के बाद ये माैका आप नहीं चूकेंगे। गर्मियों में मंदिर सुबह 7:30 बजे से 12:00 बजे तक खुलता है। वहीं शाम को 5:30 बजे से रात को 9:30 बजे तक दर्शन होते हैं। वहीं सर्दियों में मंदिर 8:45 बजे से 1:00 बजे तक भक्तों के लिए खुलता है। शाम को 4:30 से 8:30 बजे तक दर्शन होते हैं।

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