जन्माष्टमी से कैसे अलग है बांके बिहारी प्राकट्य उत्सव, जानें घर पर कैसे मनाएं, देखें पूजा विधि

Banke Bihari Prakatya Utsav 2025 (बांके बिहारी प्राकट्य उत्सव घर पर कैसे मनाएं): 25 नवंबर को मंगलवार के दिन बांके बिहारी प्राकट्य उत्सव मनाया जा रहा है। यहां जानें कि यह उत्सव आज क्यों मनाया जा रहा है और वृंदावन ना जा सकें तो इसे आप घर कैसे मना सकते हैं। ये भी देखें कि बांके बिहारी प्राकट्य उत्सव कैसे जन्माष्टमी से अलग है।

Banke Bihari Prakatya Utsav 2025 (बांके बिहारी प्राकट्य उत्सव घर पर कैसे मनाएं): बांके बिहारी प्राकट्य उत्सव वृंदावन का एक प्रमुख धार्मिक पर्व है, जिसे हर वर्ष अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आता है। इस दिन को विहार पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस वृंदावन में भक्तों की खूब भीड़ उमड़ती है।

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घर पर कैसे मनाएं बांके बिहारी प्राकट्य उत्सव (Pic: iStock)

बांके बिहारी प्राकट्य उत्सव क्यों मनाते हैं

मान्यता है कि संगीत संत स्वामी हरिदास की भक्ति और संगीत साधना से वृंदावन के निधिवन में मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि भगवान श्री बांके बिहारी प्रकट हुए थे। तभी से इस तिथि पर इस उत्सव को मनाने की परंपरा चली आ रही है। 2025 में यह तारीख 25 नवंबर की है।

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