Vastu Tips For Water Fountain: घर को सजाने और आकर्षक दिखने के लिए हम कई तरह की चीजों का इस्तेमाल करते हैं। वास्तु में भी घर की सजावट से जुड़ी कई चीजों के बारे में बताया गया है, जिससे घर पर सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। वास्तु शास्त्र में बहते हुए पानी को शुभ माना जाता है क्योंकि इससे निरंतर बढ़ते हुए जीवन की तुलना की जाती है। वास्तु के अनुसार घर पर जलतत्व का होना जरूरी होता है। इसलिए घर पर वॉटरफॉल या फाउंटेन रखने की सलाह दी जाती है। घर पर फाटरफॉल या फाउंटेन रखने से तरक्की के नए मार्ग खुलते हैं और पैसों की कमी नहीं होती। लेकिन इसका लाभ तभी मिल पाता है जब आप इसे वास्तु के अनुसार उचित दिशा व स्थान पर रखते हैं।
वास्तु के अनुसार जानें घर में फाउंटेन रखने का महत्व, लाभ और दिशा के बारे में
घर पर फाउंटेन रखने का महत्व
वास्तु में जलतत्व अथवा जल से जुड़ी चीजों का विशेष महत्व होता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि पानी रुका हुआ न हो बल्कि बहता हुआ हो। क्योंकि बहता हुआ पानी गतिशीलता का प्रतीक होता है। इससे पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है। इसलिए घर पर फाटरफॉल या फाउंटेन लगाना चाहिए।
घर पर वॉटरफॉल लगाने के लाभ
घर पर पानी का फव्वारा या वाटरफॉल लगाने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। वास्तु के अनुसार इससे धन प्राप्ति के मार्ग खुलते हैं। बहते हुए पानी को देख व्यक्ति मन आनंदित होता है और तनाव भी दूर होता है। बाजार में कई तरह के पानी के फव्वारे जैसे अलग-अलग धातुओं के फव्वारे, चीनी मिट्टी या पत्थर के फव्वारे, टेबलटॉप फव्वारा, लटकता हुआ फव्वारा जैसे कई तरह के फव्वारे में मिलते हैं। इन सभी से अलग-अलग प्रभाव और लाभ जुड़े होते हैं।
कहां लगाएं फव्वारा
वाटर फाउंटेन या फव्वारा लगाने के लिए दिशा और स्थान जानना सबसे जरूरी होता है, तभी इसका लाभ मिलता है। वास्तु के अनुसार घर के उत्तर पूर्व, उत्तर और दक्षिण पूर्व दिशा में फव्वारा लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। इस बात का ध्यान रखें कि फाउंटेन को कभी भी रसोईघर में ना रखें। क्योंकि किचन अग्नितत्व से जुड़ा होता है और फाउंटेन को जलतत्व का प्रतीक माना जाता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

