Tulsi Pujan Diwas 2025 Date: तुलसी पूजन दिवस कब है 2025 में, देखें दिसंबर में तुलसी पूजन दिवस कब मनाया जाता है
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Dec 25, 2025, 09:22 AM IST
Tulsi Pujan Diwas 2025 Date, Tulsi Pujan Diwas 2025 kab hai: दिसंबर में तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। इस दिन तुलसी माता की विधिवत पूजा होती है और साथ ही उनकी आरती भी गाई जाती है। यहां देखें कि दिसंबर में तुलसी पूजन दिवस कब मनाया जाता है और क्या रहेगा तुलसी पूजन दिवस डेट इन दिसंबर 2025।
दिसंबर में तुलसी पूजन दिवस कब है 2025 (Pic: iStock)
Tulsi Pujan Diwas 2025 Date, Tulsi Pujan Diwas 2025 kab hai: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र माना जाता है। घरों में सुबह शाम तुलसी मां के आगे दीपक लगाया जाता है। इसी के साथ ही उनको समर्पित तुलसी पूजन दिवस भी मनाया जाता है। ध्यान रहे कि यह कार्तिक मास में आने वाले तुलसी विवाह से अलग है।
दिसंबर 2025 में तुलसी पूजन दिवस कब है
वर्ष 2025 में तुलसी पूजन दिवस 25 दिसंबर गुरुवार को मनाया जाएगा। कुछ पंचांगों के अनुसार तिथि 24 दिसंबर की शाम से प्रारंभ हो सकती है, लेकिन हिंदू परंपरा में जिस दिन सूर्योदय के समय तिथि होती है, उसी दिन पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है, इसलिए 25 दिसंबर को ही तुलसी पूजन दिवस मनाया जाएगा।तुलसी पूजन दिवस का महत्व
तुलसी पूजन दिवस का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को जगाना है बल्कि तुलसी के औषधीय, पर्यावरणीय और धार्मिक गुणों को घर-घर तक पहुंचाना भी है। तुलसी को हिंदू धर्म में भगवान विष्णु का प्रिय रूप और मां लक्ष्मी की प्रत्यक्ष उपस्थिति माना जाता है, इसलिए इस दिन तुलसी माता की पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के आगमन की कामना की जाती है।
तुलसी पूजा विधि और नियम
तुलसी पूजन के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ-सुथरे वस्त्र पहनने के बाद पूजा आरंभ करनी चाहिए। पूजा में शुद्ध जल से तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें, उसके बाद रोली/कुमकुम का तिलक लगाया जाता है तथा फूल, दीपक और अगरबत्ती से माता को सम्मानपूर्वक पूजन किया जाता है। तुलसी के पास परिक्रमा करना, भजन-स्तोत्र का पाठ करना तथा आरती करना भी शुभ माना जाता है।
पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन करना चाहिए जैसे तुलसी के पत्ते रविवार, एकादशी आदि पर न तोड़ना और बिना स्नान किए कदापि उन्हें न छूना। ऐसे नियम पूजा को शास्त्रसम्मत व फलदायी बनाते हैं।