आज का पंचांग (27 December 2025): आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी दोपहर 1 बजकर 9 मिनट तक रहेगी, फिर अष्टमी लग जाएगी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगा, फिर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में रहेगा। योग व्यतीपात दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। करण वणिज दोपहर 1 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। आज त्रिपुष्कर योग सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। यह दुर्लभ शुभ योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 32 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 11 बजकर 49 मिनट पर उदय होगा और 28 दिसंबर रात 12 बजकर 24 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 19 मिनट 50 सेकंड और रात की 13 घंटे 40 मिनट 31 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल सप्तमी दोपहर 1:09 तक, फिर शुक्ल अष्टमी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद सुबह 9:09 तक, फिर उत्तर भाद्रपद। करण विष्टि 28 दिसंबर रात 12:39 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 12।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
27 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:23 से 6:18 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:50 से 7:12 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:02 से 12:43 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:06 से 2:47 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:29 से 5:57 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:32 से 6:54 बजे तक
- अमृत काल: 28 दिसंबर रात 4:00 से 5:34 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:55 बजे से 28 दिसंबर सुबह 12:50 तक
- त्रिपुष्कर योग: सुबह 7:12 से 9:09 बजे तक
27 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 9:47 से 11:05 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 1:40 से 2:57 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 7:12 से 8:30 बजे तक
- आडल योग: सुबह 9:09 से 28 दिसंबर सुबह 7:13 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 7:12 से 7:54 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 6:35 से 8:09 बजे तक
- बाण: अग्नि – रात 11:12 तक
- भद्रा: दोपहर 1:09 से 28 दिसंबर रात 12:39 बजे तक
- पंचक: पूरे दिन
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में कालदंड सुबह 9:09 तक, फिर धुम्र। तमिल योग में मरण सुबह 9:09 तक, फिर मरण ही रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति शुक्र को। दिशा शूल पूर्व दिशा में – पूर्व की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में। नक्षत्र शूल सुबह 9:09 तक दक्षिण में। चंद्र वास उत्तर में। शिववास दोपहर 1:09 तक भोजन में, फिर श्मशान में। राहु वास पूर्व, कुंभ चक्र दक्षिण में।
