आज का पंचांग (26 December 2025): 26 दिसंबर को किस समय पर शुरू करें शुभ कार्य, जानिए आज का अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 26, 2025, 07:22 AM IST
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (26 December 2025): पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल के बारे में में जान सकते हैं। आज षौष माह की षष्ठी तिथि है, जो दोपहर तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी लग जाएगी। नक्षत्र शतभिषा रहेगा। आइए जानते हैं कि 27 दिसंबर के दिन शुक्रवार का शुभ और अशुभ काल का समय क्या रहेगा?
26 दिसंबर का पंचांग
आज का पंचांग (26 December 2025): आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी दोपहर 1 बजकर 43 मिनट तक रहेगी, फिर सप्तमी लग जाएगी। नक्षत्र शतभिषा सुबह 9 बजकर 0 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्व भाद्रपद नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा कुंभ राशि में 27 दिसंबर सुबह 3 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, उसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेगा। योग सिद्धि दोपहर 2 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। करण तैतिल दोपहर 1 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 9 बजकर 0 मिनट तक रहेगा, यह शुभ योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 32 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 11 बजकर 19 मिनट पर उदय होगा और शाम 11 बजकर 24 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 19 मिनट 37 सेकंड और रात की 13 घंटे 40 मिनट 45 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल षष्ठी दोपहर 1:43 तक, फिर शुक्ल सप्तमी। नक्षत्र शतभिषा सुबह 9:00 तक, फिर पूर्व भाद्रपद। करण गर 27 दिसंबर रात 1:31 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 11।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
26 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:23 से 6:17 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:50 से 7:12 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:42 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:05 से 2:46 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:29 से 5:56 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:32 से 6:54 बजे तक
- अमृत काल: 27 दिसंबर रात 1:06 से 2:43 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:55 बजे से 27 दिसंबर सुबह 12:49 तक
- रवि योग: सुबह 7:12 से 9:00 बजे तक
26 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 11:04 से दोपहर 12:22 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 2:57 से 4:14 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 8:29 से 9:47 बजे तक
- आडल योग: सुबह 7:12 से 9:00 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:16 से 9:57 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 3:27 से 5:03 बजे तक
- बाण: मृत्यु – रात 11:39 तक, फिर अग्नि पूरी रात तक
- पंचक: पूरे दिन
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में सौम्य सुबह 9:00 तक, फिर ध्वांक्ष। तमिल योग में सिद्ध सुबह 9:00 तक, फिर मरण। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति बुध को (सुबह 9:00 तक), फिर शुक्र को। दिशा शूल पश्चिम दिशा में – पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास दोपहर 1:43 तक आकाश में, फिर पाताल में। चंद्र वास 27 दिसंबर सुबह 3:10 तक पश्चिम में, फिर उत्तर में। शिववास दोपहर 1:43 तक नंदी पर, फिर भोजन में। राहु वास दक्षिण-पूर्व, कुंभ चक्र दक्षिण में।
आज शतभिषा नक्षत्र और चंद्रमा कुंभ में होने से नवीन विचार और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। शुक्रवार होने से माँ लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं, श्री सूक्त पढ़ें और सफेद वस्त्र-चावल दान करें – धन-सुख में वृद्धि होगी।
जय माँ लक्ष्मी! जय श्री गणेश!