8 August 2024 Panchang: 8 अगस्त को विनायक चतुर्थी है। इस त्योहार वाले दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है विनायक चतुर्थी व्रत रखने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस दिन शुभ रवि योग भी रहेगा। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलती है। इसके अलावा इस दिन भद्रा भी रहेगी। जिसकी शुरुआत सुबह 11:19 से हो जाएगी। जानिए 8 अगस्त का पूरा पंचांग।
8 August 2024 Panchang
विनायक चतुर्थी 2024 मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2024 Muhurat)
विनायक चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त 8 अगस्त की सुबह 11:07 से दोपहर 01:46 बजे तक रहेगा। इस तिथि का प्रारम्भ 7 अगस्त की रात 10:05 से 8 अगस्त की देर रात 12:36 बजे तक रहेगा।
8 अगस्त 2024 पंचांग (8 August 2024 Panchang)
संवत-पिंगला विक्रम संवत 2081
माह-श्रावण, कृष्ण पक्ष
तिथि-- चतुर्थी
व्रत- श्रावण मासिक व्रत
दिवस-गुरुवार
सूर्योदय-05:43 am
सूर्यास्त-07:11 pm
नक्षत्र- उत्तराफाल्गुनी 11:35pm तक तत्पश्चात हस्त
चन्द्र राशि- कन्या, स्वामीग्रह--बुध
सूर्य राशि- कर्क, स्वामी -चन्द्रमा
करण-वणिज 11:14am तक फिर विष्टि
योग- शिव 12:42pm तक फिर सिद्ध
8 अगस्त 2024 शुभ मुहूर्त (8 August 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:54am से 12:47 pm
विजय मुहूर्त-02:26pm से 03:25 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:30pm से 07:23 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:09am तक
अमृत काल-06:05am से 07:55am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:53से 12:43तक रात
संध्या पूजन-06:20 pm से 07:20pm तक
दिशा शूल -दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
8 अगस्त 2024 अशुभ मुहूर्त (8 August 2024 Ashubh Muhurat)
01:30 बजे से 03 बजे तक
क्या करें-क्या ना करें- श्रावण माह गुरुवार का व्रत करें। शिव उपासना के साथ साथ भगवान विष्णु जी की पूजा पर ध्यान दें। आज दुग्ध से शिव लिंग का रुद्राभिषेक करें। घर मे नर्मदेश्वर या पारद शिवलिंग रखें व उनकी उपासना करें। श्रावण माह में भगवान शिव व माता दुर्गा जी को प्रसन्न करना सहज भक्ति भाव से ही आसान हो जाएगा आज बहुत पवित्र तिथि है। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का 18 बार पाठ करें। शिवलिंग की उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ भी करें। अन्न व फलों का दान करे। शिव मंदिर परिसर में बेल का पेड़ लगाएं। आज गन्ने से रुद्राभिषेक करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। दुग्ध से रुद्राभिषेक करने से धन, सम्पदा व ऐश्वर्य का सुआगमन होता है। श्रावण माह में तीर्थ करें। शिव पुराण का पाठ पूर्ण कर तत्पश्चात हवन करें। गुरुवार को धार्मिक पुस्तकों का दान करना चाहिए। किसी की निंदा मत करें।
