26 January 2025 Panchang (26 जनवरी 2025 आज का पंचांग): कुम्भ महोत्सव के परम पवित्र माघ कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि, दिन रविवार है। आज ही एकादशी का पारण है। इस समय महाकुम्भ स्नान चल रहा है। आज भगवान भास्कर जी की उपासना करें। सूर्य मकर राशि व चन्द्रमा धनु राशि में हैं। नियम पूर्वक प्रयाग राज के संगम में स्नान करें। एकादशी व्रत के बाद उसका पारण बहुत ही पुण्यदायी होता है। सूर्य उपासना का दिवस है। श्री अदित्यह्र्दयस्तोत्र का 03 बार पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों का दान करें। माता गंगा की उपासना करें। सूर्य आत्मबल प्रदान करते हैं। सूर्य उपासना से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। अपने इष्ट के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अपने वजन के बराबर अन्न के साथ गुड़ का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है। कनकधारा स्तोत्र के पाठ से धन आगमन व शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। कुम्भ स्नान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं तथा सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है। पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें। मधु, तिल, बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को अर्पित करें। पुण्य प्राप्ति का दिवस है। समय निकालकर कुम्भ स्नान का आध्यात्मिक आनन्द लें। आज धार्मिक पुस्तकों का दान करें। माता, पिता,वृद्ध ,गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करें। फलाहार व्रत रहें। अपने घर पर कीर्तन व भजन करें। माघ माह रविवार को नदी के तट पर बैठकर मंत्रों को सिद्ध कर सकते हैं।
26 January 2025 Panchang (26 जनवरी 2025 आज का पंचांग) -
संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह- माघ, कृष्ण पक्ष,एकादशी
तिथि- द्वादशी 08:55pm तक फिर त्रयोदशी
दिवस- रविवार
सूर्योदय- 07:22am
सूर्यास्त- 05:31pm
नक्षत्र- ज्येष्ठा 08:25 am तक फिर मूल
चन्द्र राशि- वृश्चिक, स्वामी- मंगल 08:26 am तक फिर धनु, स्वामी-गुरु
सूर्य राशि- मकर, स्वामी ग्रह-शनि
करण- कौलव 08:42 am तक फिर तैतिल
योग- व्याघात
शुभ मुहूर्त
1) अभिजीत- 12:15 pm से 12:52 pm तक
2) विजय मुहूर्त- 02:23pm से 03:24pm तक
3) गोधुली मुहूर्त- 06:22pm से 07:22pm तक
4) ब्रम्ह मुहूर्त- 4:03m से 05:08am तक
5) अमृत काल- 06:05am से 07:44am तक
6) निशीथ काल मुहूर्त- रात्रि 11:40से 12:22तक रात
7) संध्या पूजन- 06:21 pm से 07:06pm तक
दिशा शूल
पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल- सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक
क्या न करें- पिता की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें।
