Jaipur News: जयपुर मेटल्स के कर्मचारियों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने रविवार को जयपुर में पैदल मार्च निकाला। उन्होंने अपने आवास से जयपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित जयपुर मेटल्स फैक्ट्री तक कार्यकर्ताओं के साथ मार्च किया। यह मार्च अजमेर रोड और हसनपुर होते हुए डीआरएम कार्यालय के पास पहुंचा, जहां उन्होंने धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरने के दौरान खाचरियावास ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जयपुर मेटल्स के 1558 कर्मचारियों के हक का पैसा सरकार ने “खा लिया” है। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक कर्मचारी को कम से कम 15-15 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। उनका आरोप था कि सरकार ने कथित रूप से पैसा खाकर जयपुर मेटल्स की जमीन का कब्जा गलत तरीके से दे दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास
मजदूरों की तरफ से सही पैरवी नहीं की
खाचरियावास ने सवाल उठाया कि मजदूर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में केस कैसे हार गए। उनका कहना था कि सरकार ने मजदूरों की तरफ से सही पैरवी नहीं की, जबकि कोर्ट ने 45 दिन का समय दिया था और अब भी 12 दिन का समय शेष है, लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं करना चाहती। खाचरियावास ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य सचिव और उद्योग सचिव मौके पर आए और उनकी मौजूदगी में जमीन का कब्जा सौंपा गया। उन्होंने दावा किया कि जयपुर मेटल्स की लगभग 60 हजार गज जमीन की मौजूदा बाजार कीमत 2000 करोड़ रुपये से अधिक है। यदि इस जमीन का 25 प्रतिशत हिस्सा मजदूरों को दिया जाए तो हर मजदूर को 20 से 25 लाख रुपये तक मिल सकते हैं।
कांग्रेस नहीं बैठेगी इस मुद्दे पर चुप
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की जानकारी और मर्जी के बिना इतना बड़ा कथित भ्रष्टाचार संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित पक्षों ने बिना मजदूरों को जानकारी दिए केवल तीन दिन में जमीन का कब्जा दे दिया। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निजी पक्ष मजदूरों को गुमराह कर रहे हैं। खाचरियावास ने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और मजदूरों को उनका हक ब्याज सहित दिलाकर रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूरों को उनका पूरा मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
