राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चूरू पुलिस ने रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग पर एक साथ दो प्रभावी कार्रवाइयां करते हुए गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह कार्रवाई उन अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा हमला मानी जा रही है, जो रंगदारी, अवैध वसूली और लोगों में भय का वातावरण फैलाने का काम कर रहे थे।
रोहिच गोदारा गैंग पर चूरू पुलिस की कार्रवाई। फोटो- टाइम्स नाउ नवभारत।
चूरू के पुलिस अधीक्षक जय यादव के अनुसार, पहली कार्रवाई रतनगढ़ थाना पुलिस ने की। इसमें एक सर्राफा व्यापारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का पर्दाफाश हुआ। बताया गया कि 4 सितंबर 2025 को सर्राफा व्यापारी हरिराम प्रजापत को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया था। कॉलर ने स्वयं को रोहित गोदारा ग्रुप से जुड़े वीरेंद्र चारण के रूप में पहचान देते हुए 50 लाख रुपये की मांग की और रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इसके बाद थानाधिकारी गौरव खिड़िया के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और अपने खुफिया सूत्रों से मिली सूचनाओं के आधार पर जांच तेज की। पहले इस मामले में उमर फारूख खान को गिरफ्तार किया गया था। आगे की जांच में पुलिस ने गैंग के टॉप-10 अपराधियों में शामिल गिरधारी लाल उर्फ विकास कुमार (20) निवासी भानीपुरा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि स्थानीय स्तर के गुर्गे चंद पैसों के लालच में अमीर लोगों, व्यापारियों और ज्वैलर्स की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए विदेश में बैठे गैंग सरगनाओं तक पहुंचाते थे। इसके बाद सरगना कॉल कर धमकी देते और रंगदारी मांगते थे, जबकि स्थानीय गुर्गे अवैध हथियारों और वसूली की रकम को ट्रांसपोर्ट करने का काम करते थे।
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने गोलू उर्फ बॉक्सर को किया गिरफ्तार
दूसरी बड़ी सफलता चूरू की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को मिली। टीम ने रोहित गोदारा गैंग से जुड़े नवीन बॉक्सर के करीबी और 5000 रुपये के इनामी आरोपी अमित उर्फ गोलू उर्फ बॉक्सर को दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी पिछले आठ वर्षों से फरार चल रहा था और फरार रहकर ‘डंकी रूट’ के जरिए विदेश भागने की योजना बना रहा था।
एएसपी अभिजित पाटिल के नेतृत्व में एजीटीएफ टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और पुख्ता सूचना के आधार पर दिल्ली में दबिश देकर उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी अमित वर्ष 2016 में सालासर थाना क्षेत्र में हुई हाईवे डकैती की वारदात में शामिल था। जमानत पर छूटने के बाद वह 2017 से फरार था।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य बदमाशों की तलाश जारी है। इसे गैंग के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
