इस वार्षिक पास से निजी वाहन चालकों को बार-बार फास्टैग रिचार्ज से करने से छुटकारा मिल जाएगा और वे आसानी से बिना किसी रुकावट से यात्रा कर पाएंगे।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है और यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा को संभव बनाएगा। वार्षिक पास को रिन्यू करने लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप और एनएचएआई / एमओआरटीएच की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल और सुगम होगी।
नितिन गडकरी ने जानकारी दी कि यह ‘पास’ चालू होने की तारीख से एक साल या 200 यात्रा के लिए (जो भी पहले हो) वैध होगा। इसे खास तौर पर गैर-वाणिज्यिक निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए तैयार किया गया है।
सरकार निजी वाहनों के लिए ‘फास्टैग’ आधारित वार्षिक ‘पास’ पेश करेगी, जिसकी कीमत 3,000 रुपये होगी। उन्होंने कहा कि यह 15 अगस्त से प्रभावी होगा जिससे राजमार्गों पर बिना किसी परेशानी के यात्रा करना संभव हो पाएगा। पास एक्टिवेट होने की तारीख से 1 साल तक या 200 ट्रिप तक , जो पहले पूरा हो जाए। जो केवल निजी उपयोग वाली गैर-व्यावसायिक गाड़ियों के लिए मान्य होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जारी एक वीडियो में कहा है कि अगर 3000 पास के 200 ट्रिप के टोल को जोड़ा जाए तो लगभग 10 हजार रुपये का खर्च होगा। यानी लोगों को एक पास साल भर के लिए लेने पर लगभग 7 हजार रुपये का फायदा होगा ।
पास को राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmarg Yatra App), NHAI और MoRTH की आधिकारिक वेबसाइटों से एक्टिवेट और रिन्यू किया जा सकेगा।
एक बार भुगतान करके पूरे साल टोल की टेंशन खत्म। बार-बार टोल भुगतान की जरूरत नहीं होगी । 60 किलोमीटर के अंदर के टोल प्लाजा की परेशानी खत्म। लंबी लाइनों से छुटकारा, समय की बचत और सफर में आसानी मिलेगी ।
यह पास सिर्फ निजी इस्तेमाल की कारों, जीपों और वैन के लिए होगा। व्यवसायिक वाहनों पर यह योजना लागू नहीं होगी।
यह पास एक साल तक वैध रहेगा या 200 ट्रिप तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। जो पहले पूरा होगा, वही मान्य होगा। पिछले महीने चर्चा थी कि सरकार एक नई टोल नीति पर काम कर रही है, जो यात्रियों के लिए राजमार्ग यात्रा को अधिक सहज और किफायती बना सकती है।