अंतरिक्ष में बच्चे पैदा करने की संभवत: क्षमता रखने वाले अनेखे जीव का नाम टार्डिग्रेड्स है, जिसे 'वॉटर बियर' भी कहा जाता है और चरम मौसम का भी इस पर कोई असर नहीं होता है।
उबलते पानी में डाल दीजिए या फिर -272 डिग्री सेल्सियस के तापमान में छोड़ दीजिए या फिर कोई वाहन चढ़ा दीजिए। यह हमेशा ही जीवित मिलेंगे। अमूमन इसके आठ पैर होते हैं और यह एक सूक्ष्मजीव है।
साल 2017 में हजारों टार्डिग्रेड्स को अंतरिक्ष में भेजा गया था और जब अंतरिक्षयान धरती पर वापस लौटा तो वैज्ञानिक आश्चर्यचकित थे, क्योंकि टार्डिग्रेड्स न सिर्फ जीवित थे, बल्कि उन्होंने अंडे भी दिये थे।
समुद्र की जिस गहराइयों में सबमरीन भी जाने से कतराती हैं वहां पर भी यह जीवित रह सकता है। पृथ्वी की सबसे गहरी जगह मारियाना ट्रेंच जैसे स्थानों में भी यह मौज कर सकता है। इसका आकार 0.3 से लेकर 1.2 मिलीमीटर तक हो सकता है।
इंसानों की तुलना में टार्डिग्रेड्स सैकड़ों गुना ज्यादा रेडिएशन सहन कर सकते हैं और अंतरिक्ष में भी जीवित रह सकते है। अगर इन्हें लंबे समय तक खाना पानी न मिले तो भी उससे इन्हें परेशानी नहीं होती है। इनके भीतर पैरामैक्रोबियोटस नामक एक जीन पाया जाता है।
अंतरिक्ष में सबसे पहले मक्खियों को भेजा गया था, लेकिन अबतक मक्खी, कुत्ता, चूहा, बंदर, मेंढक, खरगोश, मकड़ी और कछुआ को भी अंतरिक्ष में भेजा जा चुका है। कुछ अंतरिक्षयात्री तो पौधे तक लेकर जा चुके हैं। ताकि अंतरिक्ष में पौधों के जीवन के बारे में समझा जा सकें।