Weight Training For Bones: 40 साल की उम्र के बाद शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। बाल सफेद होना या जल्दी थक जाना तो लोग समझ जाते हैं, लेकिन एक बदलाव ऐसा भी होता है जो चुपचाप हमारी हड्डियों को कमजोर करने लगता है। यही वजह है कि बढ़ती उम्र में कई लोगों को कमर दर्द, घुटनों में परेशानी या मामूली चोट में भी फ्रैक्चर जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।
हड्डियों के लिए वॉकिंग से ज्यादा जरूरी है वेट ट्रेनिंग
अक्सर लोग सोचते हैं कि रोजाना टहल लेना ही हड्डियों को मजबूत रखने के लिए काफी है, लेकिन फिटनेस कोच और हेल्थ इंफ्लुएंसर अक्षय एस शेट्टी का कहना है कि सिर्फ वॉकिंग से काम नहीं चलेगा। अगर हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत रखना है तो वेट ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां क्यों कमजोर होने लगती हैं
हमारी हड्डियां बाहर से भले ही मजबूत दिखती हों, लेकिन उनके अंदर लगातार बदलाव होते रहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ नई हड्डियां बनने की रफ्तार कम होने लगती है। ऐसे में हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। यही कारण है कि 40-45 साल के बाद हड्डियों की सेहत (bone health after 40) पर खास ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
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हड्डियां भी शरीर का जिंदा हिस्सा हैं
कई लोग सोचते हैं कि हड्डियां सिर्फ शरीर को सहारा देने का काम करती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। लेकिन फिटनेस कोच बताते हैं कि हड्डियां भी शरीर का जीवित हिस्सा हैं। ये समय-समय पर खुद को मजबूत और रिपेयर करती रहती हैं। इसलिए इन्हें एक्टिव रखना जरूरी है, ताकि ये लंबे समय तक मजबूत बनी रहें।
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सिर्फ वॉकिंग क्यों नहीं है काफी
रोजाना वॉक करना दिल, वजन और फिटनेस के लिए बहुत अच्छा है। लेकिन जब बात हड्डियों को मजबूत बनाने की आती है, तो सिर्फ टहलना काफी नहीं माना जाता। हड्डियों को मजबूत बने रहने के लिए थोड़ा ज्यादा काम करना पड़ता है। उन्हें ऐसा महसूस होना चाहिए कि शरीर पर कुछ अतिरिक्त भार पड़ रहा है, तभी वे खुद को और मजबूत बनाने की कोशिश करती हैं।
वेट ट्रेनिंग हड्डियों के लिए कैसे फायदेमंद है
जब आप हल्के वजन उठाते हैं या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, तो हड्डियों पर हल्का दबाव पड़ता है। इससे शरीर को संकेत मिलता है कि हड्डियों को और मजबूत बनाने की जरूरत है। इसी प्रक्रिया की वजह से समय के साथ हड्डियों की मजबूती बेहतर हो सकती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ बढ़ती उम्र में भी सुरक्षित तरीके से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने की सलाह देते हैं।
सिर्फ कैल्शियम खाने से नहीं बनेगी बात
बहुत से लोग हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ दूध, दही या कैल्शियम सप्लीमेंट पर ध्यान देते हैं। ये जरूरी जरूर हैं, लेकिन अकेले इनके भरोसे हड्डियां मजबूत नहीं होतीं। अच्छी डाइट के साथ शरीर को एक्टिव रखना और नियमित एक्सरसाइज करना भी उतना ही जरूरी है। जब हड्डियां काम करती हैं, तभी पोषण का सही फायदा मिलता है।
महिलाओं को क्यों रखना चाहिए खास ध्यान
महिलाओं में 40 साल के बाद और खासकर मेनोपॉज के बाद हड्डियां तेजी से कमजोर हो सकती हैं। ऐसे में सिर्फ सुबह-शाम टहलना काफी नहीं है। डॉक्टर या फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह से हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू की जा सकती है। इससे आने वाले वर्षों में हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
गांठ बांध लें एक्सपर्ट की ये सलाह
अगर आप 40 की उम्र पार कर चुके हैं या आपके माता-पिता इस उम्र में हैं, तो सिर्फ वॉकिंग को ही हड्डियों की सेहत का सहारा न मानें। फिटनेस कोच अक्षय शेट्टी के अनुसार, सही खानपान के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी जरूरी है। इससे हड्डियां लंबे समय तक मजबूत रह सकती हैं और बढ़ती उम्र में फ्रैक्चर व कमजोरी का खतरा कम हो सकता है। हालांकि किसी भी नई एक्सरसाइज की शुरुआत करने से पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
